द फॉलोअप, रांची
राज्य में रिक्त पदों के विरुद्ध नियुक्ति की प्रक्रिया वैसे ही काफी धीमी है। पिछले 26 सालों में जेपीएससी ने सिविल सेवा की मात्र 14 परीक्षाएं ही आयोजित किया है। जेएसएससी व अन्य एजेंसियों का परफॉर्मेंस भी बहुत अच्छा नहीं है। उस परिस्थिति में विभागों के रिक्त पदों के विरुद्ध नियुक्ति के लिए आनेवाली अधियाचनाएं काफी महत्व रखती है। लेकिन कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो ने आज विभिन्न विभागों के क्षेत्रीय कार्यालयों में नियुक्ति के लिए आयी अधियाचनाओं वापस लेने का आदेश दिया है। इससे 864 पदों के विरुद्ध होने वाली नियुक्ति प्रक्रिया पर ग्रहण लग गया।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार नगर विकास एवं आवास विभाग, खान व भूतत्व, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने अपने अपने क्षेत्रीय कार्यालयों में लिपिक के कुल 864 पदों पर नियुक्ति के लिए कार्मिक को अधियाचना भेजी थी। जिसके बाद नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के लिए जेएसएससी को अनुशंसा की गयी। उसके बाद जेएसएससी ने पहली बार 2023 में फिर 2024 में विज्ञापन निकाला। छात्रों ने फॉर्म भरे। अब प्रतियोगिता परीक्षा लिए जाने की जेएसएससी कोशिश कर रहा था। इसी बीच कार्मिक ने संबंधित विभागों को अधियाचना वापस लेने का निर्देश दिया है। उसमें कहा गया है कि कैबिनेट द्वारा हाल में स्वीकृत लिपिकीय नियुक्ति नियमावली के अनुसार आगे नियुक्ति की जाएगी। जानकार सूत्रों का कहना है कि सभी चारों विभागों की सहमति मिल जाने के बाद कार्मिक जेएसएससी को पत्र लिख कर अधियाचना वापस लेगा। पूर्व में निकाले गए विज्ञापन को रद्द कर दिया जाएगा।
