द फॉलोअप डेस्क
जमशेदपुर की पावन साध-संगत आज शाम 8 बजे साकची नमन कार्यालय के पास कालीमाटी रोड में श्री गुरु तेग बहादुर जी महाराज की शहीदी यात्रा का भावपूर्ण अभिनंदन करेगी। यह आयोजन केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि हमारे इतिहास, संस्कृति, संघर्ष और बलिदान की गाथा को स्मरण करने का पवित्र अवसर है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि हिन्द की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी ने सम्पूर्ण मानवता, सभी धर्मों और राष्ट्र की अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि गुरु महाराज ने सत्य और धर्म के मार्ग से कभी समझौता नहीं किया और अत्याचारी मुगल शासक औरंगज़ेब की यातनाओं के सामने भी अडिग रहे।
गुरु तेग बहादुर जी के साथ उनके तीन परम भक्त भाई सती दास जी, भाई मती दास जी और भाई दयाला जी ने भी धर्म की रक्षा करते हुए शहादत दी। उस दौर की पूरी सल्तनत और तलवारें भी गुरु महाराज के संकल्प को डिगा नहीं सकीं। उन्होंने न केवल कश्मीरी पंडितों को मुगल अत्याचार से बचाया, बल्कि पूरे सनातन धर्म की रक्षा की। अमरप्रीत सिंह काले ने कहा कि उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। आज भी उनकी वाणी और बलिदान हमें यह सिखाते हैं कि “सत्य के मार्ग पर चलना ही सच्चा धर्म है और अन्याय के आगे कभी नहीं झुकना चाहिए।”
आज शाम को होने वाले इस आयोजन में शहर के सभी धर्म, वर्ग और समुदाय के लोग एकजुट होकर शहीदी यात्रा का स्वागत करेंगे और गुरु महाराज का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। अमरप्रीत सिंह काले ने जमशेदपुर के सभी नागरिकों से विनम्र अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक और आध्यात्मिक अवसर पर बढ़-चढ़कर भाग लें और श्रद्धा-सुमन अर्पित करें।
