द फॉलोअप डेस्क
रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में रविवार को राष्ट्रीय और राज्य स्तर के थ्रोबॉल खिलाड़ियों ने "एक खेल, एक संघ, एक पहचान" के समर्थन में शांतिपूर्ण सांकेतिक प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों ने सिर पर काली पट्टी बांधकर अपनी मांग रखी और राज्य में प्रत्येक खेल के लिए एक ही मान्यता प्राप्त खेल संघ की व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
प्रदर्शन में शामिल खिलाड़ियों का कहना था कि झारखंड में पिछले कई वर्षों से थ्रोबॉल खेल का लगातार विस्तार हुआ है और राज्य के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनका मानना है कि खेल के विकास की इस यात्रा को समानांतर संगठन बनाकर प्रभावित करने की कोशिश खिलाड़ियों के हित में नहीं है।

विवाद खिलाड़ियों के भविष्य पर डाल सकता है असर
खिलाड़ियों ने हाल ही में आयोजित दक्षिण एशियाई थ्रोबॉल प्रतियोगिता का भी जिक्र किया जिसमें झारखंड के खिलाड़ियों ने भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक हासिल किए। उनका कहना था कि ऐसी उपलब्धियां लंबे समय से चल रहे संगठित प्रयासों का परिणाम हैं और किसी भी तरह का संगठनात्मक विवाद खिलाड़ियों के भविष्य पर असर डाल सकता है।
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खेल के प्रति एकजुटता, निरंतरता ज़रूरी - वेदांत कौस्तव
झारखंड राज्य थ्रोबॉल संघ के अध्यक्ष वेदांत कौस्तव ने कहा कि किसी
भी खेल की प्रगति एकजुटता, निरंतरता और मजबूत संस्थागत व्यवस्था से होती है। उन्होंने सभी पक्षों से खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता देते हुए सकारात्मक माहौल बनाए रखने की अपील की। भारतीय थ्रोबॉल टीम के कोच नगीना कुमार ने कहा कि झारखंड ने देश को कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिए हैं। खेल से जुड़े अनावश्यक विवाद खिलाड़ियों के करियर को प्रभावित करते हैं इसलिए सभी को खेल के विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए।