रांची
रांची विश्वविद्यालय ने पीएचडी अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए 2024-25 सत्र की पीएचडी प्रवेश परीक्षा शुल्क वापस करने का निर्णय लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने घोषणा की है कि 11 से 16 मई के बीच 2374 अभ्यर्थियों के खातों में परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा। साथ ही यूजीसी के नए नियमों के तहत पीएचडी प्रवेश परीक्षा दोबारा आयोजित करने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय ने वर्ष 2024-25 के लिए पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित किए थे। प्रत्येक अभ्यर्थी से दो हजार रुपये परीक्षा शुल्क लिया गया था, लेकिन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद परीक्षा आयोजित नहीं हो सकी।

शुल्क वापसी की प्रक्रिया पारदर्शी
इसके बाद अभ्यर्थियों ने लगातार आंदोलन और प्रदर्शन कर परीक्षा आयोजित कराने और शुल्क वापसी की मांग उठाई थी। विश्वविद्यालय के अनुसार कुल 2374 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिसमें रांची विवि को लगभग 47 लाख रुपये शुल्क के रूप में प्राप्त हुए थे। अब यह पूरी राशि अभ्यर्थियों को वापस की जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शुल्क वापसी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

नई प्रवेश परीक्षा जल्द
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर डॉ. सरोज शर्मा ने कहा कि यूजीसी के नए दिशा-निर्देशों के अनुरूप पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया को दोबारा व्यवस्थित किया जाएगा और नई प्रवेश परीक्षा जल्द आयोजित की जाएगी। वहीं कुलसचिव डॉ. गुरु चरण साहू ने बताया कि 11 से 16 मई के बीच फीस वापसी की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी तथा जल्द ही नई परीक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। इधर छात्रों को इस बात की सुचना मिलते ही उन्होंने विश्वविद्यालय के इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि लंबे समय से वे परीक्षा और शुल्क वापसी को लेकर असमंजस में थे। हालांकि उन्होंने नई प्रवेश परीक्षा जल्द कराने की मांग भी की है, ताकि उनका शैक्षणिक सत्र प्रभावित न हो।