द फॉलोअप डेस्क
गुमला में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से, उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक के कड़े निर्देश पर आज एक व्यापक और गहन वाहन जाँच अभियान चलाया गया। बायपास रोड के पास जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल द्वारा इस अभियान का नेतृत्व किया गया। यह पहल विशेष रूप से इसलिए महत्वपूर्ण था क्योंकि हाल के दिनों में गुमला जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में खतरनाक वृद्धि देखी गई है।.jpg)
इस अभियान का प्राथमिक लक्ष्य उन चालकों पर नकेल कसना था जो यातायात नियमों की लगातार अवहेलना कर रहे थे, जिसके परिणामस्वरूप अक्सर दुर्घटनाएं हो रही थीं।
जाँच का मुख्य फोकस निम्नलिखित उल्लंघनों पर था:
जांच अभियान में बिना हेलमेट के वाहन चलाना और 'ट्रिपल राइडिंग' (एक बाइक पर तीन लोगों का सवार होना) करना। भारी मालवाहक वाहनों, जैसे ट्रक, हाइवा, कंटेनर, पिकअप और ट्रेलर में उनकी निर्धारित क्षमता से अधिक सामान लादना। वाहन के ज़रूरी दस्तावेज़ जैसे ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, वाहन परमिट, पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट और रोड टैक्स के बिना वाहन चलाना। प्रेशर हॉर्न और मल्टी-टोन हॉर्न का उपयोग करना, जो ध्वनि प्रदूषण का एक प्रमुख कारण है, आधारित था।
अधिकारी ने बताया कि बसों में यात्रियों को खड़े होकर यात्रा करने देना और टेम्पो या ट्रैक्टर जैसे वाहनों में ओवरलोडिंग करना, जिससे यात्रियों की जान जोखिम में पड़ती है। इसलिए यह कार्रवाई की गई। 
अभियान के दौरान, नियम तोड़ने वाले 67 से अधिक लोगों को पकड़ा गया और उन्हें केवल जुर्माना ही नहीं, बल्कि यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में भी जागरूक किया गया। DTO ज्ञान शंकर जायसवाल ने व्यक्तिगत रूप से चालकों को लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं के बारे में समझाया और उन्हें भविष्य में नियमों का पालन करने की हिदायत दी।
इस सघन जाँच प्रक्रिया के परिणामस्वरूप, बिना वैध कागजात या अन्य उल्लंघनों के लिए कुल ₹1,27,000 का भारी जुर्माना वसूला गया। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट चेतावनी दी है कि भविष्य में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ और भी सख्त कदम उठाए जाएंगे।.jpeg)
इस अभियान में DTO ज्ञान शंकर जायसवाल के साथ सड़क सुरक्षा प्रबंधक कुमार प्रभास, सूचना प्रौद्योगिकी मंटू रवानी, प्रिंस कुमार और पुलिस बल के अन्य सदस्य शामिल थे, जिन्होंने मिलकर इस पहल को सफल बनाया। यह कार्रवाई गुमला जिले में सुरक्षित और अनुशासित सड़क परिवहन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।