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विद्यासागर स्टेशन पर ट्रेनों के ठहराव को लेकर फूटा जनता का गुस्सा, 10 जून को चक्का जाम की चेतावनी

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जामताड़ा 
विद्यासागर रेलवे स्टेशन पर एक्सप्रेस और लोकल ट्रेनों के ठहराव की मांग को लेकर स्थानीय जनता का आक्रोश गहराता जा रहा है। करमाटांड़ प्रखंड के यज्ञ मैदान में आयोजित एक महत्वपूर्ण सर्वदलीय बैठक में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने रेल प्रशासन व स्थानीय प्रतिनिधियों की उदासीनता पर कड़ी नाराजगी जताई। कोरोना काल से बंद पड़ी ट्रेनों को दोबारा शुरू करने और अप-डाउन लाइन में ट्रेनों की समय-सारिणी में सुधार की मांग को लेकर आगामी 10 जून को विद्यासागर स्टेशन पर एक दिवसीय विशाल धरना देने का निर्णय लिया गया है। 'आदर्श स्टेशन' का दर्जा, पर ट्रेनों का टोटा
बैठक में वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार द्वारा विद्यासागर रेलवे स्टेशन को 'आदर्श स्टेशन' घोषित किया गया है और इसके सुंदरीकरण पर भी बड़े पैमाने पर खर्च किया गया है। लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि इतने महत्वपूर्ण स्टेशन पर कई प्रमुख एक्सप्रेस और अनुकूल समय पर चलने वाली लोकल ट्रेनों का ठहराव नहीं है। यात्रियों के लिए निराशाजनक है वर्तमान समय-सारिणी
वर्तमान में यात्रियों की सुविधानुसार ट्रेनों का टाइम-टेबल बेहद निराशाजनक है, जिससे लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डाउन लाइन की समस्या सुबह 8:00 बजे लोकल ट्रेन गुजरने के बाद दोपहर 12:00 बजे तक कोई ट्रेन उपलब्ध नहीं रहती। डाउन लाइन में केवल टाटा–दानापुर एक्सप्रेस का ही ठहराव है, जबकि दोपहर 3:00 बजे तक कोई भी लोकल ट्रेन नहीं चलती। वहीं अप लाइन की समस्या सुबह 10:30 बजे लोकल ट्रेन जाने के बाद सीधे शाम 7:00 बजे तक किसी भी लोकल ट्रेन का ठहराव नहीं है। इस लंबे अंतराल के कारण दैनिक यात्रियों, व्यवसायियों और इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से बढ़ी नाराजगी
बैठक में बताया गया कि इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के लोगों द्वारा कई बार दुमका सांसद नलिन सोरेन, पूर्व सांसद सुनील सोरेन, और पड़ोसी लोकसभा क्षेत्र गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे समेत आसनसोल के डीआरएम (DRM) को ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन अब तक रेल प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं की गई। हाल ही में आसनसोल–गिरिडीह होते हुए रांची जाने वाली ट्रेन और आसनसोल से पटना जाने वाली लोकल ट्रेन का भी विद्यासागर स्टेशन पर ठहराव नहीं दिया गया, जिससे स्थानीय जनता का गुस्सा और ज्यादा बढ़ गया है। 10 जून को एक दिवसीय धरना; बाजार भी रहेगा बंद
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि कोरोना काल से बंद पड़ी ट्रेनों को फिर से शुरू करने या उनके समय पर नई लोकल ट्रेनें चलाने की मांग की जाएगी। आंदोलन की प्रमुख मांगें निम्नलिखित हैं
डाउन लाइन में सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच एक लोकल ट्रेन का ठहराव दिया जाए।
अप लाइन में दोपहर 12:00 बजे से शाम 7:00 बजे के पहले एक लोकल ट्रेन तथा जनशताब्दी एक्सप्रेस का ठहराव सुनिश्चित किया जाए।   
आगामी 10 जून एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन 
इन मांगों को लेकर आगामी 10 जून (बुधवार) सुबह 10:00 बजे से विद्यासागर रेलवे स्टेशन प्रांगण में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए उस दिन करमाटांड़ मुख्य बाजार, गणपत महतो चौक और सुभाष चौक की दुकानें पहली बेला के लिए पूर्णतः बंद रहेंगी। वक्ताओं ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो जल्द ही विद्यासागर स्टेशन पर उग्र आंदोलन करते हुए रेल चक्का जाम किया जाएगा। इस बैठक में मुख्य रूप से रामप्रसाद मंडल, रामरतन मंडल, नीलांबर मंडल, राजेश कुमार मंडल, बलबीर यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे।

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