नंदलाल तुरी
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा प्रखंड स्थित बड़ा बास्को गांव में अब तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सड़क न बनने के कारण एंबुलेंस भी गांव में नहीं पहुंच पाती, जिसके चलते मरीजों को अस्पताल ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती है। इसके अलावा, गांव में आवागमन की स्थिति भी काफी कठिन हो गई है, जिससे लोगों का जीवन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क बनवाने को लेकर कई बार प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। थक-हार कर अब गांववाले खुद श्रमदान के माध्यम से सड़क को चलने लायक बनाने का काम शुरू कर चुके हैं।

इस मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी ट्वीट कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, "घोर निंदनीय! अबूआ सरकार का अबुआ गांव का नारा देने वालों, शर्म करो! पाकुड़ जिले के बास्को गांव की यह तस्वीर आपकी संवेदनहीनता और नकारापन का सबूत है। पहाड़िया गांव के लोग खुद फावड़ा उठाकर कच्ची सड़क बना रहे हैं। वर्षों से सड़क की मांग कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन बहरा है। यह कैसा 'आपका गांव' है जहां बुनियादी सुविधा के लिए जनता को पसीना बहाना पड़ रहा है? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी, क्या आपके राज में यही सुशासन है? गरीब, महिलाएं और बुजुर्ग मिलकर काम कर रहे हैं क्योंकि सरकारी योजनाएं इन तक नहीं पहुंच पाई हैं! कहां गई आपकी घोषणाएं?" यह मामला अब स्थानीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन चुका है, और ग्रामीणों का मानना है कि प्रशासन को तत्काल इस समस्या का समाधान करना चाहिए ताकि गांव की बुनियादी जरूरतें पूरी हो सकें।
