द फॉलोअप डेस्क
हजारीबाग जिले के बड़कागांव प्रखंड के चंदौल गांव से एक दिल दहला देनी वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। 21 वर्षीय सुलेखा कुमारी और 25 वर्षीय मंटू पांडे ने प्रेम संबंध को समाज द्वारा स्वीकार न किए जाने के कारण अपनी जान दे दी।
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे, लेकिन उनके रिश्ते को समाज का विरोध झेलना पड़ा। सामाजिक बहिष्कार, ताने और दबाव के कारण, दोनों ने साथ जीने की बजाय साथ मरने का फैसला कर लिया। बताया जा रहा है कि दोनों ने सल्फास की गोलियां खाकर आत्महत्या कर ली।
सुलेखा की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे हजारीबाग अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने उसे रांची रेफर कर दिया। हालांकि, रांची पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। वहीं, मंटू को भी हजारीबाग सदर अस्पताल लाया गया, लेकिन उसकी भी जान नहीं बचाई जा सकी।
सबसे दुखद क्षण तब आया जब दोनों का अंतिम संस्कार एक ही श्मशान घाट पर किया गया। एक ही चिता पर दोनों की अधूरी मोहब्बत भी जलकर राख हो गई। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। माता-पिता और परिजनों की आंखें नम हैं, और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि क्या प्रेम करना इतना बड़ा गुनाह था कि उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी।
