द फॉलोअप डेस्क
सावन माह कल से शुरू होने जा रहा है। ऐसे में आज विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेले का उद्घाटन समारोह होगा। 12 ज्योर्तिलिंगों में से एक बाबा वैद्यनाथ धाम में श्रावमी मेले की शुरुआत आज से हो जायेगी। मेले के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को आमंत्रित किया गया है। मेले को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है।पूरे देवघर को दुल्हन की तरह सजा दिया गया है। जानकारी हो कि इस बार 2 महीने का सावन है,इसे ध्यान में रखते हुए भी व्यवस्था की गई है। दुम्मा से खिजुरिया तक 8 किलोमीटर कांवरियों पथ पर पहली बार गंगा की मिट्टी बिछाई गई है। 10 हजार क्षमता वाले अधिकतम भवन में कांवरियों को सस्ते दर पर भोजन मिलेगा कांवरियों की कतार लगाने को लेकर रूट लाइन में वाटरप्रूफ पंडाल लगाए गए हैं।

एनडीआरएफ के जवान रहेंगे तैनात
देवघर के डीसी मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि "शिवगंगा तालाब, बाबा मंदिर के आसपास, शिवराम झा चौक, बीएड कॉलेज और अन्य भीड़ भाड़ वाले इलाकों में किसी आपदा से निपटने के लिए एनडीआरएफ के जवान तैनात किए जाएंगे। प्रशासन की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। 2 महीने वीआईपी या आउट ऑफ टर्न के जरिए दर्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी। कांवरियों के स्वागत के लिए देवघर तैयार है।

इस वर्ष बदला-बदला दिखेगा
श्रावणी मेला स्वरूप द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ कामनालिंग बाबा वैद्यनाथ के दरबार में लगने वाले मासव्यापी श्रावणी मेला का स्वरूप इस वर्ष बदला-बदला दिखेगा। गुरु पूर्णिमा तक बाबा वैद्यनाथ पर जलार्पण के बाद स्पर्श करने वाले भक्त श्रावणी मेले के पहले दिन से ही अरघा व्यवस्था के तहत जलार्पण करेंगे। 8-10 किमी परिधि में फैला रहने वाला श्रावणी मेला बाबा वैद्यनाथ मंदिर इलाके तक ही सीमित रखने की योजना है। कतार की शुरूआत बीएड कॉलेज से होगी।

शीघ्र दर्शनम पास के जरिए भी दर्शन की सुविधा
शिवगंगा के पश्चिमी किनारे नेहरू पार्क से मानसरोवर तट होते हुए बाबा मंदिर तक श्रद्धालु पहुंचेंगे। अस्थायी स्तर पर इंट्रेंस कॉम्पलेक्स में भक्तों के लिए तमाम सुविधाएं मयस्सर कराई गयी हैं। वहीं सीसीटीवी के माध्यम से उन्हें मंदिर व रास्तों की गतिविधियों से भी अवगत कराया जाता रहेगा। जल्द पूजा की चाहत रखने वाले भक्तों के लिए दिए जाने वाले शीघ्र दर्शनम् पास भी इस वर्ष से बाबा मंदिर के वीआईपी गेट से सटे नवनिर्मित सुविधा केन्द्र (पाठक धर्मशाला) के अलावा पंडा धर्मरक्षिणी सभा के कार्यालय में मिलेगा। सुविधा केन्द्र के हॉल में बैंक के समान शीघ्र दर्शनम् के लिए 16-17 काउंटर बनाए गए हैं। भीड़ के अनुसार काउंटरों का उपयोग किया जाएगा। निशक्त श्रद्धालुओं के लिए भी अलग से बाबा वैद्यनाथ मंदिर निकास द्वार के बाहर व्यवस्था करायी गयी है। वहीं बाबा मंदिर मंझला खंड में लगाए जाने वाले अरघा के अलावे बाबा मंदिर प्रांगण में तीन अरघा लगाये जाएंगे।

प्रशासनिक तैयारी पूरी
वहीं मेले को लेकर भारी मात्रा में प्रशासन मुस्तैद रहेगी। लगभग दो माह तक चलने वाले इस मेले में 8640 हजार जवान सुरक्षा के लिए तैनात रहेंगे। बताते चलें कि मेले में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के देवघर पहुंचने का अनुमान है। जानकारी के अनुसार सुरक्षा व्यवस्था में इंस्पेक्टर 120, एसआई और एएसआई 726, सशस्त्र हवलदार और आरक्षी 1080, लाठी हवलदार आरक्षी 6200, महिला लाठी बल 514, दो एसाल्ट ग्रुप, दो बम निरोधक दस्ता, दो आंशु गैस दस्ता, दो एटीएस टीम और दो श्वान दस्ता की टीम तैनात रहेगी। साथ ही सीआईडी और विशेष शाखा के जवान भी तैनात रहेंगे।

ड्रोन कैमरे से होगी निगरानी
पुलिस मुख्यालय श्रावणी मेले को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर की जा रही है। इसके तहत राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात जवानों के अलावा जैप और प्रशिक्षण केद्र में तैनात जवानों को भी प्रतिनियुक्त किया जाएगा। मालूम हो कि यह प्रतिनियुक्ति 30 जून से एक सितंबर तक के लिए होगी। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शहर के विभिन्न स्थानों में अस्थाई कंट्रोल रूम भी बनाए जा रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाके में सीसीटीवी से मॉनिटरिंग की जाएगी। इसके अलावा ड्रोन कैमरे से भी निगरानी की जाएगी।
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