द फॉलोअप डेस्क
तेलंगाना के हनमकोंडा जिले के पथीपाका गांव में लगभग 200 आवारा कुत्तों को जहरीला इंजेक्शन देकर मार देने का मामला सामने आया है। एनिमल वेलफेयर एक्टिविस्ट्स का दावा है कि गांव के सरपंच ने दिसंबर के पंचायत चुनाव में लोगों से कुत्तों की समस्या से छुटकारा दिलाने का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए ग्राम पंचायत सचिव की निगरानी में इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देकर शवों को कब्रिस्तान में दफना दिया गया।3.jpeg)
कुत्तों की हत्या का यह मामला सिर्फ एक गांव तक सीमित नहीं है। राज्य के जगतियाल, कामारेड्डी और याचरम जैसे इलाकों में भी बड़े पैमाने पर ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। दैनिक भास्कर में छपे आकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2025 से अब तक तेलंगाना के तीन जिलों में करीब 1100 से ज्यादा कुत्तों को मौत के घाट उतारा जा चुका है। अकेले जगतियाल में 300 और कामारेड्डी के पांच गांवों में 200 से अधिक कुत्तों को जहर दिया गया।
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पंचायत चुनाव के दौरान कई उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों और बंदरों के आतंक से मुक्ति दिलाने का वादा किया था। जीतने के बाद, इन सरपंचों ने कथित तौर पर पेशेवर लोगों को काम पर रखा, जिन्होंने जहरीले इंजेक्शनों का इस्तेमाल कर बेजुबान जानवरों को मार डाला। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई सरपंचों और पंचायत सचिवों के खिलाफ बीएनएस (BNS) और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत मुकदमे दर्ज किए हैं।
कई स्थानों पर जमीन खोदकर कुत्तों के शव निकाले गए हैं, जो तीन से चार दिन पुराने थे। इस अमानवीय कृत्य के बाद पशु प्रेमियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई सरपंचों और वार्ड सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि सामूहिक रूप से जहर देने की इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।4.jpeg)