द फॉलोअप डेस्क
शनिवार को बीजेपी नेता प्रह्लाद जोशी को नया केंद्रीय शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया। प्रधान ने NEET-UG पेपर लीक विवाद की नैतिक ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा दिया था, जिसके कारण हफ़्तों तक देशभर में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनका इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया। कर्नाटक के धारवाड़ निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सांसद जोशी के पास नई और नवीकरणीय ऊर्जा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का प्रभार भी है। पांच बार सांसद रह चुके जोशी पहले कोयला, खान और संसदीय मामलों के केंद्रीय मंत्री के तौर पर काम कर चुके हैं। नई और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री के तौर पर, जोशी स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने के केंद्र के प्रयासों का नेतृत्व कर रहे हैं। उनका ध्यान 2030 तक 500 GW नवीकरणीय और गैर-जीवाश्म ईंधन ऊर्जा क्षमता हासिल करने और 2070 तक नेट-ज़ीरो उत्सर्जन का लक्ष्य पाने पर है।

जोशी की उपलब्धियां
बता दें कि जोशी ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, PM सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना, PM-KUSUM योजना और ऑफ़शोर पवन ऊर्जा परियोजनाओं जैसी अहम पहलों की देखरेख की है। साथ ही, उन्होंने इस सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए 50 GW नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता के लिए सालाना बोलियां और अन्य नीतिगत उपाय लागू करने पर ज़ोर दिया है। उनकी नियुक्ति ऐसे अहम समय पर हुई है जब शिक्षा मंत्रालय NEET-UG विवाद के बाद बड़े सुधार लागू कर रहा है। इन सुधारों में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) का पुनर्गठन, पेपर लीक रोकने के लिए कड़े उपाय और 2027 से NEET के लिए कंप्यूटर-आधारित परीक्षा प्रणाली अपनाना शामिल है।
