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11 राज्यसभा सांसदों का निलंबन रद्द, पहले के सस्पेंड 146 सासंद भी ले सकेंगे सदन में हिस्सा

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द फॉलोअप डेस्क 

राज्यसभा से निलंबित 11 सासंदों का निलंबन रद्द कर दिया गया है। इसी के साथ दोनों सदनों से निलंबित 146 सासंदों का निलंबन भी रद्द हो गया है। बता दें इन सासंदों को बीते शीतकालीन में सस्पेंड कर दिया गया था। इन सांसदों पर लोकसभा स्मोक बम मामले की जांच की मांग को लेकर हंगामा करने का आरोप लगा था। केंद्र सरकार ने निलंबित सांसदों के मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति को भेजा था। लेकिन शीतकालीन सत्र के समाप्त होने पर इन सासंदों का निलंबन स्वत: रद्द हो गया। अब ये सभी सांसद बजट सत्र में हिस्सा ले सकेंगे। बता दें कि मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का ये अंतिम बजट सत्र होगा। इसकी शुरुआत आगामी बुधवार से होनेवाली है। 

क्यों निलंबित किये गये थे 146 सांसद 

गौरतलब है कि पिछले 13 दिसंबर को संसद की दर्शक दीर्घा में दो लोग स्मोक स्प्रे लेकर घुस आये थे। दोनों जारी सदन में कूद आये और सासंदों पर स्मोक स्प्रे का छिड़काव करने लगे। इससे संसद के एक हिस्से में धुंआ फैल गया। इससे न सिर्फ संसद में मौजूद सांसदों में खलबली मची, बल्कि इस घटना से पूरे देश में हड़कंप मच गया। इस मामले की जांच के लिए विपक्ष के सासंद गोलबंद हो गये और सदन के अंदर हंगामा किया। इस आरोप में कई चरणों कुल 146 सासंदों को निलंबित कर दिया गया। वहीं, संसद की सुरक्षा में चूक मामले में लोकसभा के 6 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया। बता दें कि मामले में संलिप्त 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

निलंबन के विरोध में पिपक्ष ने किया था मार्च 

146 सासंदों के सामूहिक निलंबन के खिलाफ विपक्षी पार्टिंयों ने 21 दिसंबर को गोलबंद होकर दिल्ली में मार्च किया था। ये सांसद लोकसभा और राज्यसभा से थे। निलंबन झेल रहे सासंद संसद की सुरक्षा में हुई चूक मामले को लेकर सदन में गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे थे। सभी सासंदों का निलंबन 48 घंटे के भीतर हुआ। विरोध मार्च पुराने संसद भवन से लेकर विजय चौक तक किया गया। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे ने कहा था कि ये सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। सांसदों के बोलने से रोका जाना देश के लिए शर्मनाक है।