द फॉलोअप डेस्क
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के नजीराबाद इलाके में गणतंत्र दिवस की सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। यहां स्थित एक थर्मोकोल गोदाम में रविवार देर रात और सोमवार तड़के करीब 3 बजे भीषण आग लग गई। त्योहार की सुबह जहां लोग जश्न की तैयारी कर रहे थे, वहीं इस अग्निकांड की खबर ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया। इस दर्दनाक हादसे में अब तक तीन लोगों की जान जा चुकी है।2.jpeg)
आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते पूरा गोदाम आग के गोले में तब्दील हो गया। सूचना मिलते ही नरेंद्रपुर थाना पुलिस और दमकल विभाग की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंची। आसमान में काले धुएं का गुबार कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। दमकलकर्मियों को आग पर पूरी तरह काबू पाने में लगभग सात घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। सुबह करीब 10 बजे स्थिति नियंत्रण में आई, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था।2.jpeg)
गोदाम के कर्मचारियों के अनुसार, रात की शिफ्ट में तीन मजदूर वहां काम कर रहे थे जो घटना के बाद से लापता थे। बारुईपुर पुलिस जिले के अधीक्षक शुभेंद्र कुमार ने बाद में तीन लोगों की मौत की पुष्टि की। हालांकि, शव बुरी तरह झुलस जाने के कारण अभी तक उनकी पहचान नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों का दावा है कि कुछ और लोग भी लापता हैं, जिससे मरने वालों का आंकड़ा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।2.jpeg)
थर्मोकोल अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग ने तुरंत पास के एक अन्य गोदाम को भी अपनी चपेट में ले लिया। बताया जा रहा है कि दूसरे गोदाम में कोल्ड ड्रिंक्स और अन्य जरूरी सामान रखा हुआ था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया। इस हादसे में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान का अनुमान है। प्रशासन फिलहाल मलबे को हटाकर यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि अंदर कोई और फंसा न हो।.jpeg)
आग लगने के कारणों की शुरुआती जांच में एक चौंकाने वाली बात सामने आई है। स्थानीय सूत्रों और दमकल विभाग के मुताबिक, थर्मोकोल गोदाम के अंदर ही खाना बनाया जाता था। आशंका जताई जा रही है कि खाना बनाने के दौरान उठी चिंगारी से ही यह भीषण आग शुरू हुई होगी। पुलिस और दमकल विभाग की टीम फॉरेंसिक जांच के जरिए आग लगने के सटीक कारणों का पता लगाने में जुटी है।