द फॉलोअप डेस्क
NEET परीक्षा में गड़बड़ी और बेरोज़गारी को लेकर जयपुर में हो रहे विरोध प्रदर्शन में पहुंचने पर अभिजीत दिपके को कुछ युवकों ने कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। इस घटना ने कथित पेपर लीक के ख़िलाफ़ चल रहे अभियान पर ध्यान केंद्रित किया, और पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने सोमवार को बताया कि जयपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थकों के कंधों पर सवार कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके को कुछ लोगों ने कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। यह घटना शहीद स्मारक पर हुई, जहाँ NEET पेपर लीक और बेरोज़गारी जैसे मुद्दों पर विरोध करने के लिए बड़ी संख्या में युवा जमा हुए थे। पुलिस ने कहा कि घटना के सिलसिले में दो युवकों को हिरासत में लिया गया है और आगे की जाँच चल रही है। यह प्रदर्शन CJP के उस अभियान के तहत आयोजित किया गया था जिसमें NEET, CBSE, CUET और SSC जैसी प्रमुख परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग की गई थी।

ये है पूरा मामला
पुलिस और चश्मदीदों के अनुसार, दिपके विरोध स्थल पर पहुंच रहे थे और समर्थकों के कंधों पर सवार थे, तभी भीड़ में मौजूद कुछ युवकों ने उन्हें कथित तौर पर थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद, उनके समर्थकों ने आरोपियों को पकड़ लिया और पुलिस के हस्तक्षेप से पहले उनके साथ मारपीट की। बाद में अधिकारियों ने बताया कि मामले के सिलसिले में दो युवकों को हिरासत में लिया गया। दिपके ने इस घटना को कायरतापूर्ण हरकत बताया। उन्होंने ट्वीट किया, "शारीरिक हमले डर की निशानी हैं। हम शांतिपूर्ण ढंग से अपनी आवाज़ उठाते रहेंगे।"
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प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार और पेपर लीक के ख़िलाफ़ नारे लगाए
विरोध स्थल पर प्रदर्शनकारियों ने भ्रष्टाचार और पेपर लीक के ख़िलाफ़ नारों वाले पोस्टर लिए हुए थे और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर कार्रवाई की माँग की। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की माँग करते हुए भी नारे लगाए गए। संगठन ने अपने अभियान को एक शांतिपूर्ण संवैधानिक आंदोलन बताया है, जिसका उद्देश्य परीक्षा प्रक्रियाओं और भर्ती प्रणालियों के बारे में छात्रों और नौकरी के उम्मीदवारों द्वारा उठाई गई चिंताओं को उजागर करना है। हाल के हफ़्तों में सोशल मीडिया पर इस विरोध प्रदर्शन को काफ़ी समर्थन मिला है और इसने देश भर के छात्रों और कार्यकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया है। डिप्के रविवार देर रात जयपुर पहुँचे ताकि विरोध प्रदर्शन की तैयारियों की देखरेख कर सकें।
