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CMPF प्राइवेट सेक्टर में भारी घाटे के बाद अब सरकारी बॉन्ड पर करेगा फोकस, 27 को बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की बैठक

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 रांची 
सीएमपीएफ यानी कोयला खान भविष्य निधि संगठन को निजी सेक्टर में निवेश से भारी घाटा हुआ है। इससे सबक लेकर अब सीएमपीएफ अपना अधिकतम निवेश सरकारी बॉन्ड में करने पर फोकस कर रहा है। बता दें कि सीएमपीएफ को डीएचएलएफ में लगभग 750 करोड़ के ब्याज का घाटा हो चुका है। इसलिए अब सीएमपीएफ कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है। इस बाबत 27 सितंबर को बोर्ड ऑफ ट्रस्टी की एक बैठक दिल्ली में बुलाई गयी है। जिसमें मान्यता प्राप्त मजदूर संगठनों के भी प्रतिनिधि भाग लेंगे। मिली खबर के मुताबिक दिल्ली में होने वाली इस बैठक की अध्यक्षता बोर्ड के चेयरमैन और कोल सचिव अमृतलाल मीणा करेंगे। बैठक में सीएमपीएफ के आयुक्त वीके मिश्रा के शामिल होने की सूचना है। 

ये मजदूर संगठन होंगे बैठक में शामिल 
वहीं मजदूर संगठनों की ओर से इंटक, एटक, सीटू, एचएमएस औऱ बीएमएस के नेता भी बैठक में अपना पक्ष रखेंगे। ये भी खबर मिल रही है कि कोयला खदानों में ठेका कर्मियों की लगातार बढ़ती संख्या पर भी विचार किया जायेगा। इसके लिए कोल इंडिया की सभी कोयला ईकाइयों का दौरा कर रिपोर्ट पेश की जायेगी। कई कोल ईकाइयों से मिली रिपोर्ट के अनुसार कर्मचारी प्रोमोशन और अन्य सुविधा से लंबे समय से वंचित हैं। इससे उत्पादन प्रभावित होता है। इस समस्या को लेकर कोयला सचिव के साथ बातचीत होनी है। इसमें विधवा पेंशन भी शामिल है। इसके लिए सीएमपीएफ को नये फार्म जारी करने का और बैंकों से तालमेल बनाने का निर्देश दिया गया है। कुछ दिन पहले इन समस्याओं के निपटारे के लिए दो माह का समय दिया गया था। लेकिन कार्य में वैसी प्रगति नहीं हुई जितनी आशा की गयी थी। इसके कारणों पर भी बैठक में चर्चा होगी। कुछ मजदूर संगठन ब्याज की दरों को बढाने के लिए कोल प्रबंधन पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। जबकि प्रबंधन की ओर से ब्याज दर घटाने के संकेत मिले हैं। मजदूर संगठनों ने किसी भी हाल में ब्याज दर को नहीं घटाने की बात कही है। कहा है कि ऐसा होता है तो वे आंदोलन के लिए विवश होंगे। इसका भी असर उत्पादन पर पड़ेगा और इसके लिए कोल इंडिया प्रबंधन जवाबदेह होगा।