द फॉलोअप डेक्स
उद्योगपति अनिल अंबानी मंगलवार, 5 अगस्त 2025 को 17,000 करोड़ रुपये के कथित बैंक लोन फ्रॉड मामले में पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ED) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय पहुंचे। रिलायंस ग्रुप (RAAGA कंपनियों) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (MD) अंबानी आज सुबह अपने आवास से निकलकर राष्ट्रीय राजधानी स्थित ईडी दफ्तर पहुंचे।
प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में समन भेजकर तलब किया था। यह मामला उनकी कंपनियों को बैंकों से मिले हजारों करोड़ रुपये के कथित लोन फ्रॉड से जुड़ा है।
ईडी की जांच के दायरे में अंबानी ग्रुप की कई कंपनियां हैं, जिन पर फर्जी बैंक गारंटी, शेल कंपनियों के माध्यम से अवैध फंड ट्रांसफर और लोन की अनुचित मंजूरी जैसे गंभीर आरोप हैं। इससे पहले ईडी ने इस मामले में देशभर में तीन दिनों तक लगातार कार्रवाई की थी, जिसमें 35 से ज्यादा ठिकानों, 50 कंपनियों और 25 से अधिक व्यक्तियों के यहां छापेमारी की गई थी। इस दौरान बड़ी मात्रा में दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत जब्त किए गए।
ईडी की जांच में यह भी सामने आया है कि साल 2017 से 2019 के बीच YES बैंक ने अंबानी ग्रुप की कंपनियों को लगभग 3,000 करोड़ रुपये के लोन दिए थे। आरोप है कि इन लोन की मंजूरी से पहले ही बैंक प्रमोटरों को पैसे ट्रांसफर कर दिए गए थे। कई मामलों में लोन के दस्तावेज बाद में तैयार किए गए, और कुछ में तो आवेदन और मंजूरी की प्रक्रिया एक ही दिन में पूरी कर दी गई। यहां तक कि कुछ लोन की रकम मंजूरी से पहले ही ट्रांसफर कर दी गई थी।
अनिल अंबानी के खिलाफ एक और गंभीर मामला उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़ा है। इस कंपनी पर 14,000 करोड़ रुपये से अधिक के लोन फ्रॉड का आरोप है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने इस कंपनी को फ्रॉड घोषित कर दिया है और अब इस मामले को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में केस दर्ज करने की तैयारी चल रही है।
