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अयोध्या राम मंदिर : ऐसी है प्रभु राम की मूर्ति की बनावट, इन 10 विशेषताओं को नहीं जानते होंगे आप  

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द फॉलोअप डेस्क 

अयोध्या (Ayodhya) में निर्मित राम जन्मभूमि मंदिर में स्थापित प्रभु राम की मूर्ति (Prabhu Ram Idol) में अनेक विशेषताएं हैं। लेकिन इस मूर्ति से जुड़ी 10 विशेषताओं को जानना आपके लिए जरूरी और रोचक भी हो सकता है। बता दें कि 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पीएम नरेंद्र मोद के हाथों के हो चुकी है। राम मंदिर के लिए रामलला की इस मूर्ति को कर्नाटक प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज ने बनाया है। योगीराज कर्नाटक के रहने वाले हैं। अरुण योगीराज वर्तमान में देश में सबसे अधिक डिमांड वाले मूर्तिकार हैं। अरुण वह मूर्तिकार हैं, जिनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सराहना कर चुके हैं। अरुण के पिता योगीराज भी एक कुशल मूर्तिकार हैं। उनके दादा बसवन्ना शिल्पी को मैसूर के राजा का संरक्षण प्राप्त था। 


प्रभु राम की मूर्ति की 10 विशेषताएं -

1.    प्रभु राम की मूर्ति का रंग न श्वेत है न काला। ये श्यामल है। ऐसे पत्थर से बनाया गया है जो हजारों साल तक यथावत रहेगा। 
2.    पूरी मूर्ति में कहीं जोड़ नहीं है, ये एक ही पत्थर को तराश कर बनाया गया है। 
3.    राम की मूर्ति के चारों ओर भगवान विष्णु के 10 अवतारों को दर्शाया गया है। 
4.    मूर्ति के ललाट पर सूर्य और वैष्णव तिलक है। 
5.    प्रभु राम के चरणों में गरुड़ और हनुमान को उकेरा गया है। 
6.    मूर्ति के मुकुट पर सूर्यदेव, शंख, स्वास्तिक और चक्र व गदा को उकेरा गया है। 
7.    भक्तों को दर्शन में आसानी के लिए मूर्ति को खड़े आकार में बनाया गया है। 
8.    मूर्ति रामलला के बाल्यवस्था की है। बाएं हाथ में धनुष और दायां हाथ आशीर्वाद की मुद्रा में है। 
9.    मूर्ति की ऊंचाई 4.24 फीट, चौड़ाई 3 फीट है। मूर्ति का वजन 2 क्विंटल है। 
10.     मूर्ति ऐसे पत्थऱ से बनायी गयी है जिसपर पानी का प्रभाव नहीं होगा। रोली और चंदन के इस्तेमाल से भी मूर्ति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।