द फॉलोअप डेस्क
पीलीभीत से टिकट कटने के बाद बीजेपी नेता वरुण गांधी ने पहला बयान दिया है। बीजेपी नेता ने कहा, ''बिना किसी भेदभाव के अपने निर्वाचन क्षेत्र और उसके लोगों की भलाई और कल्याण के लिए किए गए मेरे सभी ईमानदार योगदानों के बावजूद मेरे साथ क्या हुआ, इसकी मुझे उम्मीद नहीं थी।'' वहीं, उन्होंने कहा है कि वे अपनी मां मेनका गांधी के चुनाव प्रचार में हिस्सा लेंगे। माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव में उम्मीदवार नहीं बनाये जाने पर वे निर्दलीय चुनाव लड़ सकते हैं। इसके लिए उन्होंने नामांकन फार्म भी मंगवा लिया था। वहीं ये कयास भी लगाये जा रहे थे कि वरुण कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं। लेकिन उनके बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है।
इस कारण कटा टिकट
बता दें कि लोकसभा चुनाव के लिए पहली लिस्ट जारी करते ही समय बीजेपी ने इस बात के संकेत दिये थे कि इस बार कई पुराने सांसदों के टिकट काटे जायेंगे। हालांकि इसका कारण अलग-अलग होगा। वरुण गांधी को टिकट न मिलने के पीछे उनका केंद्र और योगी की उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ मुखर होना बताया जा रहा है। जानकारों के मुताबिक यही बात पार्टी को पसंद नहीं आयी। गौरतलब है कि वरुण गांधी राज्य में बेरोजगारी और सड़कों के निर्माण का मुद्दा बराबर उठाते रहे हैं। वहीं, उन्होंने केंद्र की फ्री राशन योजना पर आपत्तिजनक बयान दिये थे।

मां मेनका को करेंगे मदद
बीजेपी ने वरुण गांधी की टिकट तो काटा है लेकिन उनकी मां मेनका गांधी को उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर से उम्मीदवार बनाया है। वरुण ने कहा है कि फिलहाल वे अपनी मां को चुनाव प्रचार में मदद करेंगे। हालांकि इस बीच उनको कांग्रेस पार्टी से भी टिकट का ऑफर दिया। इस बीच ये भी खबर आयी कि वे सपा के टिकट पर चुनाव लड़ सकते है। लेकिन वरुण गांधी ने इन सब अटकलों को दरकिनार कर दिया है।

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