logo

BRICS : देवघर से पकड़ा गया सम्मेलन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी

देवघर से पकड़ा गया सम्मेलन को बम से उड़ाने की धमकी देने वाला आरोपी

देवघर:
दिल्ली में BRICS सम्मेलन और गुजरात के गांधीनगर स्थित सचिवालय को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में जांच का तार झारखंड के देवघर से जुड़ गया है। गुजरात पुलिस की साइबर टीम ने देवघर पुलिस की मदद से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, धमकी भरे ई-मेल भेजने में जिस ई-मेल आईडी का इस्तेमाल हुआ, वह गुलशन कुमार सिंह उर्फ गुलशन चौहान के नाम से जुड़ी है। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद गुजरात पुलिस आरोपी को अपने साथ ले गई है। 

ससुराल में छापेमारी कर हुई गिरफ्तारी
गुजरात पुलिस की साइबर टीम ने नगर थाना पुलिस के सहयोग से करनीबाग ठाढ़ी रोड, वार्ड नंबर-34, बावनबीघा स्थित गुलशन के ससुराल में छापेमारी की। यहीं से पुलिस ने गुलशन कुमार सिंह उर्फ गुलशन चौहान, पिता कौशल सिंह, को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उसे नगर थाना लाया गया, जहां पुलिस ने अलग कमरे में उससे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने उस ई-मेल आईडी की पुष्टि की, जिसका इस्तेमाल धमकी भरे संदेश भेजने में किए जाने की बात सामने आई है।

ई-मेल आईडी के आधार पर पुलिस पहुंची देवघर
देवघर एसपी प्रवीण पुष्कर ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि धमकी से जुड़े ई-मेल में गुलशन की ई-मेल आईडी का इस्तेमाल हुआ है। इसी तकनीकी सुराग के आधार पर गुजरात पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। साइबर मामलों में दक्ष पुलिस इंस्पेक्टर एमबी पटेल के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम देवघर पहुंची थी। तकनीकी जांच के दौरान मिली लोकेशन के आधार पर पुलिस ने गुलशन को उसके ससुराल से पकड़ा।

सह आरोपी से पूछताछ में सामने आया गुलशन का नाम
पुलिस के अनुसार, इस मामले में गुजरात पुलिस ने पहले रोशन नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था। उससे पूछताछ के दौरान गुलशन का नाम सामने आया। रोशन ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि धमकी से संबंधित ई-मेल भेजने या उसे संचालित करने के लिए इस्तेमाल की गई ई-मेल आईडी और उसका पासवर्ड गुलशन कुमार ने उसे उपलब्ध कराया था। हालांकि, गुलशन की वास्तविक भूमिका और रोशन के इस दावे की पुष्टि अभी जांच का विषय है।

डिजिटल साक्ष्य जुटा रही पुलिस
मामले की जांच में पुलिस ई-मेल रिकॉर्ड, आईपी एड्रेस, लॉगिन डिटेल, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि धमकी भरे ई-मेल कहां से भेजे गए, उन्हें किसने संचालित किया और इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर गुलशन की भूमिका को भी स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है।

सॉफ्टवेयर डेवलपर रह चुका है गुलशन
पुलिस के मुताबिक, गुलशन कुमार सिंह मूल रूप से बिहार के जमुई जिले के नगर थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव का रहने वाला है। देवघर के नंदन पहाड़ इलाके में भी उसका घर बताया गया है। गुलशन पूर्व में सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम कर चुका है। फिलहाल वह घर पर रह रहा था। गिरफ्तारी के समय वह बावनबीघा स्थित अपने ससुराल में मौजूद था।

ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात ले गई पुलिस
गुजरात पुलिस ने कोर्ट में आवेदन देकर गुलशन को आगे की जांच के लिए ट्रांजिट रिमांड पर देने की मांग की थी। पुलिस का कहना था कि ई-मेल आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराने में उसकी भूमिका, धमकी के स्रोत और मामले से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ जरूरी है। साथ ही डिजिटल साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका को भी रिमांड का आधार बताया गया। कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड मंजूर होने के बाद गुजरात पुलिस गुलशन को अपने साथ लेकर रवाना हो गई।

Tags - Deoghar News BRICS Bomb Threat Gulshan Kumar Singh Gujarat Police Jharkhand Crime