द फॉलोअप डेस्क
आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी से पहले उनसे करीब 8 घंटे तक सीबीआई ने दिल्ली आबकारी नीति घोटाला मामले में पूछताछ की। सबूतों को नष्ट करने के आरोप में सीबीआई ने मनीष को अरेस्ट किया है। बताते चलें कि सिसोदिया सुबह करीब 11.10 बजे सीबीआई कार्यालय में पूछताछ के लिए गए थे। बीते रविवार को ही पूछताछ के लिए सीबीआई ने उन्हें बुलाया था। लेकिन बजट की तैयारियों का हवाला देते हुए मनीष ने इसे टालने का अनुरोध किया था। तब 26 फरवरी को सीबीआई ने पेश होने कहा था।

एक आईएएस अफसर ने लिया था सिसोदिया का नाम
जानकारी के अनुसार आबकारी विभाग के एक आईएएस अफसर ने पूछताछ के दौरान सिसोदिया का नाम सीबीआई को बताया था। उक्त अफसर ने कहा था कि सिसोदिया ने ऐसी शराब नीति बनाई थी जिससे सरकार को नहीं, बिजनेसमैन को मोटा फायदा हो। बताया जाता है कि इसी बयान के आधार पर सिसोदिया से पूछताछ की गई थी। वहीं, अफसर ने सिसोदिया पर सबूत नष्ट करने का भी आरोप लगाया था। सूत्रों के अनुसार CBI ने सिसोदिया और अफसर को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। जिसमें सिसोदिया कई सवालों का जवाब नहीं दे पाए। इसलिए सिसोदिया की गिरफ्तारी हुई। सिसोदिया को कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

लंच नहीं करने जाने देने से हुई आशंका
पूछताछ के दौरान सीबीआई ने दोपहर में सिसोदिया को घर जाने की अनुमति नहीं दी थी। तब ही सिसोदिया की गिरफ्तारी की आशंका जताई जाने लगी थी। बताते चलें कि पूछताछ के लिए सीबीआई दफ्तर जाने से पहले खुद सिसोदिया ने भी गिरफ्तारी की आशंका जताई थी। इधर, सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। आप पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि यह तानाशाही की इंतेहा है।
शराब नीति से डीलरों को हुआ फायदा
सिसोदिया पर आरोप है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने की दिल्ली सरकार की नीति से कुछ डीलरों को फायदा पहुंचा। इन लोगों ने इसके लिए कथित रूप से रिश्वत दी थी। हालांकि, आप पार्टी ने इस आरोप का खंडन किया था। इसके अलावा भी कई आरोप लगाए गए थे।
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