द फॉलोअप डेस्क
मुख्तार अंसारी की मौत जेल में कैसे हुई, इस बारे में अभी तक साफ-साफ कुछ नहीं कहा जा रहा है। अब उत्तर प्रदेश के डीजीपी रह चुके सुलखान सिंह ने कहा है कि अंसारी की मौत की जांच सीबीआई से करानी चाहिये। खान ने कहा कि ऐसे समय में जब, एक कैदी को लेकर पुलिस की भूमिका पर संदेह किया जा रहा है, तो इससे बेहतर है कि इसकी जांच सीबीआई जैसी एजेंसी करे। इससे सच्चाई पर से पर्दा हट सकेगा औऱ पुलिस की भूमिका पर शक नहीं किया जा सकेगा।

क्या कहा पूर्व डीजीपी ने
बता दें कि पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह जालौन के कोंच नगर में एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। वहां उन्होंने कहा कि मुख्तार अंसारी राज्य की अभिरक्षा में था और उसने कोर्ट में यह आरोप लगाया था कि उसे धीमा जहर दिया जा रहा है और उसकी हत्या की जा सकती है। इसलिए इस मामले से संदेह को दूर किया जाना चाहिए। जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी यह प्रकरण सीबीआई को सौंप देना चाहिए। एक सवाल के जवाब में पूर्व डीजीपी ने कहा कि होने को कुछ भी हो सकता है।

क्या है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में
बता दें कि कल यानी 30 मार्च को मुख्तार अंसारी का पोस्टमार्टम रिपोर्ट मीडिया में जारी किया गया था। मुख्तार अंसारी के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मुख्तार की मौत मायोकार्डियल इंफार्क्शन की वजह से हुई है। अस्पताल ने मेडिकल बुलेटिन जारी करके बताया कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने की वजह से हुई है। बता दें कि 5 डॉक्टरों के पैनल ने बांदा मेडिकल कॉलेज में पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग और फोटोग्राफी भी कराई गई थी।

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