logo

1000 करोड़ का NGO घोटाला : पूर्व मुख्य सचिव समेत 11 अफसरों पर CBI का शिकंजा, हाईकोर्ट ने फिर शुरू की सुनवाई

CBI5.jpeg

बिलासपुर
छत्तीसगढ़ में एक हजार करोड़ रुपये के NGO घोटाले में राज्य के पूर्व मुख्य सचिव सहित 11 वरिष्ठ अफसरों की मुश्किलें फिर बढ़ गई हैं। बिलासपुर हाईकोर्ट ने इस मामले की सुनवाई जारी रखते हुए CBI जांच को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। याचिकाकर्ता कुंदन सिंह की जनहित याचिका पर हाईकोर्ट पहले ही CBI जांच के निर्देश दे चुका है।
इस घोटाले में आरोप है कि समाज कल्याण विभाग के तहत बने राज्य स्रोत नि:शक्तजन संस्थान के नाम पर फर्जी NGO खड़ा कर अफसरों ने सरकारी योजनाओं के पैसे में बड़ा घोटाला किया। विशेष ऑडिट में 31 प्रकार की वित्तीय अनियमितताएं उजागर हुईं, जिनमें करोड़ों की गड़बड़ियों का खुलासा हुआ। शुरुआती जांच में 5.67 करोड़ रुपये के फर्जीवाड़े की पुष्टि हुई थी। हाईकोर्ट के आदेश पर CBI ने जबलपुर में अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज की थी। लेकिन आरोपी अफसरों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से मामला फिर से बिलासपुर हाईकोर्ट भेजा गया।


ये अफसर हैं आरोपों के घेरे में:
पूर्व मुख्य सचिवों आलोक शुक्ला, विवेक ढांड, एमके राउत, सुनील कुजूर, बीएल अग्रवाल, पीपी सोती के अलावा राजेश तिवारी, सतीश पांडेय, अशोक तिवारी, हरमन खलखो, एमएल पांडेय और पंकज वर्मा का नाम सामने आया है।
क्या-क्या अनियमितताएं मिलीं:
•    बिना स्वीकृति करोड़ों का अग्रिम निकाला गया।
•    फर्जी मशीनों की खरीदी, कर्मचारी और अस्पताल भी सिर्फ कागजों में।
•    एनजीओ खाते में मनमाने ट्रांसफर, वाउचर गायब।
•    कैशबुक से मेल नहीं खाते लेखे-जोखे।
जनहित याचिका में दस्तावेजी सबूतों के आधार पर आरोप लगाया गया है कि पूरा संस्थान सिर्फ घोटाले के मकसद से बनाया गया था। हाईकोर्ट ने फिर से सभी आरोपियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

Tags - Nationa। News Nationa। News Update Nationa। News।ive Country