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UP : लता मंगेशकर की 93वीं जयंती आज, अयोध्या में उनके नाम से बने चौराहे का हुआ लोकार्पण

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उत्तर प्रदेश:
भारत रत्न स्वर कोकिला लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आज 93वीं जयंती है। इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) ने उन्हें बड़ा तोहफा दिया है। सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के नाम पर उत्तर प्रदेश में सरयू के किनारे बना नया घाट अब लता मंगेशकर चौराहा (Lata Mangeshkar Square) के नाम से जाना जाएगा। लता मंगेशकर के नाम पर बने स्मृति चौक का लोकार्पण बुधवार को सीएम योगी (CM Yogi) ने किया। उनके साथ केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी किशन रेड्डी (G Kishan Reddy) भी मौजूद रहे। इस मौके पर पीएम ने वीडियो संदेश दिया है। उन्होंने कहा है कि लता दीदी सरस्वती की साधिका थी। उनके स्वर ने दुनिया को जोड़ा। इस मौके पर लता मंगेशकर के भतीजे और बहू भी मौजूद रहे।

चौक बनना विश्व रिकॉर्ड जैसे है
सीएम योगी ने कहा कि लता जी के दिन की शुरुआत राम जी की पूजा से होती थी। यह चौक बनना विश्व रिकॉर्ड जैसे है। अयोध्या इतनी विकसित हो रही है, इससे टूरिज्म और आध्यत्मिक विकास होगा। जी किशन रेड्डी ने कहा कि 5 सालों में UP पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाई तय करेगा। बता दें कि लता मंगेशकर चौक के उद्घाटन में सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया है। यहां लता मंगेशकर के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जा रही है। प्रदर्शनी का उद्घाटन सीएम योगी करेंगे, साथ में केंद्रीय पर्यटन मंत्री जी. किशन रेड्‌डी भी होंगे।

लता मंगेशकर चौक की खासियत
बता दें कि लता मंगेशकर चौक 8.50 करोड़ की लागत से निर्माण किया गया है। शारदा की वीणा सुर साम्राज्ञी चौक की पहचान होगी। स्मृति चौक पर लता मंगेशकर के भजन गूंजेंगे। इस चौक पर वीणा का भी निर्माण किया गया है जिसकी लंबाई 10.8 मीटर और ऊंचाई 12 मीटर है। 14 टन वजनी वीणा को बनाने में 70 लोग लगे। कांसा एवं स्टेनलेस स्टील से एक माह में वीणा बनी। इस पर सरस्वती व मोर के चित्र उकेरे गए हैं। पद्म पुरस्कार विजेता राम सुतार ने वीणा की डिजाइन बनाई है। वीणा के साथ-साथ अन्य शास्त्रीय वाद्य यंत्र भी प्रदर्शित हैं। लता के जीवन और व्यक्तित्व को चौक में दर्शाया गया है। 

28 सितंबर1929 को हुआ था जन्म
लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर1929 को मध्य प्रदेश के क्लीन शहर इंदौर में हुआ। लता के पिता दीनानाथ मंगेशकर एक मराठी थिएटर अभिनेता, संगीतकार और वोकलिस्ट भी थे। करीब 6 दशक तक फिल्मी और गैर फिल्मी गाने गाने वाली लता ने 30 से अधिक भाषाओं में गीतों को आवाज दी थी। गायिका को 8 जनवरी को निमोनिया होने और कोरोना के लक्षण पाए जाने पर मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। 92 साल की लता मंगेश्कर को उम्र से संबंधित अन्य समस्याएं थीं और इस साल 6 फरवरी को उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।