मुजफ्फरनगर
करवा चौथ के मौके पर मुजफ्फरनगर में एक असामान्य और विवादित नज़ारा देखने को मिला। क्रांति सेना की महिला मोर्चा कार्यकर्ता हाथों में लाठियां लेकर सड़कों पर उतरीं और ‘मेहंदी जिहाद’ रोकने का ऐलान किया। उनका आरोप है कि मुस्लिम युवक हिंदू महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाकर ‘लव जिहाद’ फैलाते हैं।
महिला कार्यकर्ताओं ने नगर स्थित क्रांति सेना कार्यालय में आयोजित मेहंदी शिविर में लाठियों का पूजन किया और खुले शब्दों में घोषणा की कि त्योहार के दौरान वे बाज़ारों में जाकर दुकानों पर मेहंदी लगाने वाले युवकों के आधार कार्ड चेक करेंगी। उनका कहना है कि अगर कोई गैर समुदाय का युवक पकड़ा गया तो उसे ‘लाठी से सबक’ दिया जाएगा।

इस मौके पर कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की और कहा कि यह अभियान हिंदू बहनों और बेटियों की सुरक्षा के लिए किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि अभियान की जानकारी स्थानीय पुलिस को पहले ही दी जाएगी।
शिविर में हाथों पर मेहंदी लगाती महिलाएं और लाठियों के साथ नारे लगाती कार्यकर्ता, दोनों की मौजूदगी ने एक विचित्र विरोधाभास पैदा कर दिया। क्रांति सेना का यह अभियान अब पूरे मुजफ्फरनगर में फैलेगा और विभिन्न बाजारों में दुकानों की जांच की जाएगी।
विशेषज्ञों और समाजविदों के सवाल यह हैं कि करवा चौथ जैसे पारंपरिक और पवित्र त्योहार में ‘लव जिहाद’ की राजनीति और लाठियों की धमकी का क्या स्थान है। यह घटना समाज में त्योहारों की पवित्रता और धार्मिक रंगों के बीच बढ़ते तनाव पर नई बहस खड़ी कर रही है।
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