द फॉलोअप डेस्क
छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने उन्हें उनके जन्मदिन के दिन ही गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद चैतन्य बघेल को रायपुर कोर्ट में पेश किया गया। चैतन्य की गिरफ्तारी के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत और कांग्रेस के सभी विधायक रायपुर जिला कोर्ट पहुंच रहे हैं। बता दें कि आज छत्तीसगढ़ विधानसभा सत्र का आखिरी दिन था। सत्र के बीच ही ईडी की कार्रवाई हुई, जिसे लेकर विपक्ष ने विधानसभा से वॉकआउट किया।
तोहफे के लिए धन्यवाद, ताउम्र याद रहेगा: भूपेश बघेल
भूपेश बघेल के बेटे के उनके जन्मदिन पर गिरफ्तारी को लेकर उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "जन्मदिन का जैसा तोहफ़ा मोदी और शाह जी देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता। मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी। और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है। इन तोहफ़ों का धन्यवाद। ताउम्र याद रहेगा।"
जन्मदिन का जैसा तोहफ़ा मोदी और शाह जी देते हैं वैसा दुनिया के किसी लोकतंत्र में और कोई नहीं दे सकता।
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 18, 2025
मेरे जन्मदिन पर दोनों परम आदरणीय नेताओं ने मेरे सलाहकार और दो ओएसडी के घरों पर ईडी भेजी थी।
और अब मेरे बेटे चैतन्य के जन्मदिन पर मेरे घर पर ईडी की टीम छापामारी कर रही है।
इन…
भिलाई निवास में “साहेब” ने ED भेज दी: भूपेश बघेल
ED आ गई.
— Bhupesh Baghel (@bhupeshbaghel) July 18, 2025
आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है.
अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था.
भिलाई निवास में “साहेब” ने ED भेज दी है.
(कार्यालय- भूपेश बघेल)
आज सुबह ही पुर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पोस्ट के माध्यम से इस बात की जानकारी दी थी कि उनके भिलाई आवास पर ईडी का छापा पड़ा था. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, "ED आ गई. आज विधानसभा सत्र का अंतिम दिन है. अडानी के लिए तमनार में काटे जा रहे पेड़ों का मुद्दा आज उठना था. भिलाई निवास में “साहेब” ने ED भेज दी है."
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला क्या है ?
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला फरवरी 2019 में कथित रूप से शुरू हुआ था। उस समय डिस्टिलरी से हर महीने 800 पेटी शराब भेजी जाती थी, जिनके परिवहन के लिए 200 ट्रक लगाए जाते थे। शुरुआत में प्रत्येक पेटी 2,840 रुपये में बेची जाती थी। बाद में इस ऑपरेशन का विस्तार हुआ और महीने में भेजे जाने वाले ट्रकों की संख्या बढ़ाकर 400 कर दी गई। साथ ही, एक पेटी की कीमत बढ़ाकर 3,880 रुपये कर दी गई। जांच में यह सामने आया कि तीन वर्षों के भीतर लगभग 60 लाख पेटी शराब अवैध रूप से बेची गई, जिससे करीब 2,174.60 करोड़ रुपये का अवैध राजस्व प्राप्त हुआ।
