द फॉलोअप डेस्कः
झारखंड के सीनियर आईएएस अधिकारी विनय चौबे शनिवार को छत्तीसगढ़ ED के सामने अपना बयान दर्ज करवाने हाजिर हुए थे। इस दौरान उनसे ईडी की टीम ने करीब 9 घंटे पूछताछ की। सुबह 11 बजे से रात 8 बजे तक यह पूछताछ चली। बता दें कि छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच कर रही ईडी ने झारखंड के उत्पाद सचिव विनय कुमार चौबे और बेवरेज कॉरपोरेशन के एमडी करण सत्यार्थी को नोटिस जारी किया था। इस केस में झारखंड उत्पाद विभाग ने छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ करार करते हुए उसे कंसल्टेंट चुना था। ईडी ने झारखंड के अधिकारियों से इस करार के बारे में पूछा है और उनको अपना पक्ष रखने को कहा है।

झारखंड से जुड़े हैं तार
ईडी छत्तीसगढ़ में जिस शराब घोटाले की जांच कर रही है, उसमें CSMCL के तत्कालीन एमडी अरुण पति त्रिपाठी और उनके सहयोगी सिद्धार्थ सिंघानिया की बड़ी भूमिका बताई जा रही है। ईडी विनय कुमार चौबे और सत्यार्थी से यह जानना चाहती है कि झारखंड में शराब बिक्री की पॉलिसी में इन दोनों अधिकारियों की क्या भूमिका थी। मालूम हो कि झारखंड सरकार ने छत्तीसगढ़ की तर्ज पर ही एक्साइज पॉलिसी लागू की थी। छत्तीसगढ़ का शराब माफिया अनवर देबर भी होलसेलर एजेंसियों के जरिये झारखंड में काम कर रहा था। इडी ने सीएसएमसीएल के एमडी समेत अन्य के यहां बीचे दिनों छापेमारी की थी।
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