गुजरात
गुजरात के आनंद जिले में पुलिस का मानवीय चेहरा देखने को मिला। नाडियाड जिला जेल में बंद मध्य प्रदेश के अलीराजपुर की एक प्रवासी विचाराधीन महिला को अदालत से जमानत मिल गई थी, लेकिन उसे घर ले जाने के लिए परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। ऐसे में गुजरात पुलिस ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उसकी मदद का जिम्मा उठाया और अभिभावक की भूमिका निभाई।
VIDEO | Anand, Gujarat: At Nadiad District Jail in Gujarat, humanity spoke louder than circumstance. When a migrant undertrial woman from Alirajpur, Madhya Pradesh, was granted bail but had no family member to take her home, Gujarat Police stepped in as her guardian. Under the… pic.twitter.com/mZhVOyjPzU
— Press Trust of India (@PTI_News) May 30, 2026
पुलिस महानिदेशक डॉ. के.एल.एन. राव के मार्गदर्शन में आनंद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और एक स्थानीय धर्मार्थ संगठन के सहयोग से महिला के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था की गई। पुलिस अधिकारियों ने न केवल यात्रा की व्यवस्था कराई, बल्कि महिला, उसके नवजात शिशु और छोटे बच्चे को व्यक्तिगत रूप से उनके पैतृक गांव तक सुरक्षित पहुंचाया। इस पहल की व्यापक सराहना हो रही है। यह घटना दर्शाती है कि पुलिसिंग केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंदों की सहायता कर उनकी गरिमा, सुरक्षा और उम्मीद को बनाए रखने का भी माध्यम है। गुजरात पुलिस की यह पहल सेवा, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आई है।
