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बेटे की लाश बैग में रखकर पूरी सब्जी खाती रही मां, सूचना सेठ पर एक और खुलासा

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द फॉलोअप डेस्कः
गोवा में चार साल के बेटे की हत्या की आरोपी सूचना सेठ के दो किरदार हैं। एक में वो अपने बेटे के कत्ल की आरोपी है। बेटा पति से न मिल पाए, इसलिए उसका कत्ल किया और फिर लाश सूटकेस में डाली और भागने की कोशिश करते हुए पकड़ी गई। बैग में बेटे की लाश थी और वो कैब रुकवाकर पूड़ी-सब्जी खाती रही थी। और दूसरी तरफ कहा जा रहा है कि वह बहुत अच्छी मां थी। लोग एक अच्छी मां का मिसाल सूचना के तौर पर दिया करते थे। सूचना सेठ बेंगलुरु की अरविंद स्प्रोसिया सोसायटी में रहती थी। पड़ोसियों और सोसायटी प्रेसिडेंट के मुताबिक, ये सूचना बेटे पर जान छिड़कती थी। लोग उसका नाम लेकर उदाहरण देते थे कि सिंगल मदर होने के बावजूद वो कितने अच्छे से बच्चे का ख्याल रखती हैं। 


सूचना सेठ फिलहाल गोवा पुलिस की कस्टडी में हैं। पुलिस का कहना है कि वो पूछताछ में सहयोग नहीं कर रही है। फिलहाल कोर्ट ने सूचना सेठ को 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अगली सुनवाई 31 जनवरी को है। सूचना न तो पुलिस से बात कर रही है और न ही उसने कोर्ट में कुछ बोला है। कोर्ट ने उसकी मेंटल हेल्थ की जांच कराकर रिपोर्ट देने का आदेश दिया है। 


सूचना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए काम करती है। इसे को-वर्किंग ऑफिस स्पेस भी कहा जाता है। ये स्टार्ट-अप अब बंद हो गया है। इसकी वजह स्पष्ट नहीं, लेकिन सूत्रों के मुताबिक फंडिंग रुक जाने से ऐसा हुआ। छानबीन में सामने आया कि गोवा के जिस होटल में सूचना के बेटे का कत्ल हुआ, वहां उसने गलत एड्रेस दिया था। पति से अलग होने के बाद सूचना बेंगलुरु के ठानीसांड्रा इलाके में बने यूनीश्री टेराजा अपार्टमेंट के सी विंग के फ्लैट नंबर 310 में रहने आईं थी। गोवा में सूचना ने यही एड्रेस लिखवाया था। सच ये है कि एक साल पहले ही सूचना ने ये घर छोड़ दिया था। ये फैक्ट केस में सूचना के खिलाफ बड़ा सबूत है। पुलिस ने सूचना से पूछताछ में ये सवाल किया कि एड्रेस गलत क्यों दिया। सूचना ने कोई जवाब नहीं दिया।


सूचना की कहानी तलाशते हुए हम यूनीश्री टेराजा अपार्टमेंट के ब्रोकर रकीब शरीफ ने बताया, 'सूचना सेठ ने बिल्डर के ऑफिस से रेंट पर फ्लैट लिया था। ये फर्निश्ड अपार्टमेंट है। सूचना बेटे और सिर्फ एक बैग कपड़ों के साथ यहां रहने आई थीं। उनके पास और कोई सामान नहीं था।' ब्रोकर ने आगे बताया, 'सूचना के बारे में सोसायटी में कोई अच्छे से नहीं जानता। ये फ्लैट आज भी यूनीश्री बिल्डर के नाम पर है। यहां अब एक मुस्लिम फैमिली रहती है।' हमने सोसायटी में सूचना के पड़ोसियों से बात करने की कोशिश की, लेकिन किसी को भी याद नहीं था कि वो यहां कब रहती थी। ये यूनीश्री टेराजा अपार्टमेंट है जहां सूचना सेठ दो साल रहीं। एक साल पहले वे घर खाली करके चली गईं थीं।

बेंगलुरु में भले ही सूचना की सोसायटी के लोग उन्हें आदर्श मां बता रहे थे, लेकिन गोवा की कहानी इसके एकदम उलट है। सूचना लगातार पुलिस से कह रही है कि उसने बेटे को नहीं मारा। बेटे की मौत कैसे हुई, इसके जवाब में बोली- 'रात को जिंदा सोया था। सुबह मरा मिला। वो बेटे से अलग नहीं होना चाहती थी। इसलिए साथ में घर ले जा रही थी।'पुलिस को आशंका है कि सूचना इस आधार पर कोर्ट में सजा से बच सकती है कि उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है। अगर सूचना अपने बयान पर कायम रहती है तो कोर्ट में सख्त सजा से बच सकती है। कोर्ट ने यहीं देखते हुए मनोवैज्ञानिक एक्सपर्ट की मदद लेने का आदेश दिया है।