द फॉलोअप डेस्क:
प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह और आरजेडी सांसद मनोज झा की मौजूदगी में 3 पूर्व सैनिकों ने भारतीय सेना में कथित भ्रष्टाचार, सैनिकों के साथ नौकरों जैसा बर्ताव और शिकायत करने पर झूठे आरोप लगाकर नौकरी से निकाले जाने का दावा करते हुए गंभीर आरोप लगाए थे। विपक्षी पार्टियों ने इस प्रेस कांफ्रेंस के आधार पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया था। अब इंडियन आर्मी ने अपने सोशल मीडिया पेज पर आधिकारिक बयान जारी करके इसे सेना की छवि धूमिल करने की कोशिश बताया है।
अफवाहों से बचें#FakeAlert #Beware
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) May 22, 2026
A press conference video is being circulated across media and social media platforms with an attempt to malign the image of the #IndianArmy.
It is reiterated that the individuals seen in the video, namely Chandu Chavan, Harendra Yadav and P… pic.twitter.com/IJfWoWj9Zo
प्रोपेगैंडा में नहीं फंसने की अपील की
इंडियन आर्मी ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान ना दें और प्रोपेगेंडा का शिकार होने से बचें। सेना ने दावा किया है कि प्रेस कांफ्रेंस करने वाले तीनों सैनिकों चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव और पी नरेंद्र को अनुशासनहीनता और सैनिकों जैसा व्यवहार न करने के आधार पर नौकरी से निकाला गया था। सेना ने कहा कि इस प्रेस कांफ्रेंस में नजर आया चौथा व्यक्ति शंकर सिंह गुज्जर, दरअसल एक भगौड़ा है और उसके खिलाफ मिलिट्री और सिविल कोर्ट में अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है।

सेना ने नागरिकों से क्या अपील की!
सेना ने चारों पूर्व सैनिकों को लेकर कहा कि यह लोग जानबूझकर सोशल मीडिया पर नकली, गलत इरादे और गुमराह करने वाली बातें फैला रहे हैं, ताकि अपने गलतियों और नौकरी से निकाले जाने के तथ्यों से ध्यान भटका सकें। सेना ने नागरिकों से प्रोपगैंडा का शिकार नहीं होने की अपील करते हुए गलत जानकारी से सावधान रहने को कहा है। सेना ने कहा कि 17 दिसंबर 2024 को चंदू चव्हाण और हरेंद्र यादव ने जो नकली और भ्रामक जानकारी वीडियो के माध्यम से प्रसारित की थी, उस बारे में पहले ही स्पष्टीकरण जारी कर दिया गया था।

प्रेस कांफ्रेंस में क्या-क्या आरोप लगाया!
गौरतलब है कि चंदू चव्हाण, हरेंद्र यादव, पी नरेंद्र और शंकर सिंह गुज्जर ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह और प्रो. मनोज झा की मौजूदगी में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में प्रेस-वार्ता करते हुए गंभीर आरोप लगाए। कहा कि सैनिकों से अधिकारियों का घरेलु काम करवाया जाता है। जूते उठवाए जाते हैं और सफाई कराई जाती है। सेना ने बयान जारी करके इसे भ्रामक बताया है।