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Intelligence report : चीन में बने हथियार और डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं जम्मू कश्मीर के आतंकवादी

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द फॉलोअप डेस्क 

एक खुफिया रपट (Intelligence report:) में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी गुट चीन में बने हथियार औऱ कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस रिपोर्ट ने भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि इस बात की तस्दीक पहले भी हो चुकी है। कुछ दिनों पहले, एक हमले के बाद आतंकवादियों ने इसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर जारी की थी। ये तस्वीरें चीन में बने कैमरों से खींची गयी थी। यही नहीं, विभिन्न आतंकी गुट आपस में समन्वय बनाने के लिए जिन कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल कर रहे हैं, वे भी चीनी कंपियनों द्वारा बनाये गये हैं। 

कौन से हथियार इस्तेमाल कर रहे हैं आतंकवादी 

खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान सेना को चीन की ओऱ से हथियार की आपूर्ति की जा रही है। पाकिस्तानी सेना इन हथियारों को इस्तेमाल न कर इनको भारत में सक्रिय आतंकवादी संगठनों को भेज रही है। इनमें बॉडी शूट कैमरे, ट्रांसमिशन डिवाइस और स्नाइपर गन जैसे आर्म्स शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों ने बताया है कि हथियारों का इस्तेमाल लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद से संबंध रखने वाले आतंकवादी गुट जम्मू कश्मीर में कर रहे हैं। कहा गया है कि इन संगठनों से संबंध ऱखने वाले लगभग आधा दर्जन आतंकवादी गुट घाटी में इन दिनों सक्रिय हैं। 

क्या है चीन की मंशा 

2020 में गलवान सीमा पर मुठभेड़ के बाद चीन लद्दाख में अपना प्रभाव जमाना चाहता है। बता दें कि गलवान का इलाका पूरी तरह से अब भारतीय सैनिकों की पहुंच और पकड़ में है। यहां भारत के बढ़ते सैनिक प्रभाव को लेकर चीन चिंता में है। चीन अब जम्मू कश्मीर के रास्ते लद्दाख तक पहुंचना चाहता है। इसलिए चीन घाटी में सक्रिय आतंकवादी गुटों की तरह-तरह से मदद कर रहा है। चीन ये भी चाहता है कि लद्दाख में तैनात भारतीय सैनिकों को घाटी में तैनात करने के लिए दबाव बनाया जाये। चीन इसीलिए जम्मू कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को शह दे रहा है।