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अमेरिका-इजरायल की संयुक्त कार्रवाई : ईरान के 30 ठिकानों पर भीषण हमला, पश्चिम एशिया में युद्ध जैसे हालात

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द फॉलोअप डेस्क 
पश्चिम एशिया में लंबे समय से बढ़ता तनाव अब खुली सैन्य कार्रवाई में बदल गया है। अमेरिका और इजरायल ने शनिवार को ईरान के कई ठिकानों पर संयुक्त रूप से हमला किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही स्पष्ट कर चुके थे कि वे ईरान से यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने की अपेक्षा रखते हैं। उनका कहना था कि किसी भी स्तर पर संवर्धन स्वीकार नहीं किया जाएगा। ईरान इसके लिए सहमत नहीं हुआ और वार्ता विफल हो गई। इसके बाद संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेन्जमिन नेतन्याहू ने कहा कि यह कदम ईरान से उत्पन्न अस्तित्व के खतरे को समाप्त करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।


तेहरान में धमाके, खामेनेई सुरक्षित
रिपोर्टों के अनुसार तेहरान के मध्य क्षेत्र में तेज धमाके सुने गए। पहला हमला ईरान के सर्वोच्च नेता खुमैनी के कार्यालय के पास हुआ। उन्हें पहले ही सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया था।
राष्ट्रपति भवन, कई मंत्रालयों और खुफिया विभाग के कार्यालय को भी निशाना बनाया गया। कुल मिलाकर ईरान में लगभग 30 स्थानों पर प्रहार किए गए।
संयुक्त हमले के बाद ईरान ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। समाचारों के अनुसार ईरान ने इजरायल की ओर 400 प्रक्षेपास्त्र दागे। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को भी निशाना बनाया गया।

दोनों देशों ने बंद किया हवाई क्षेत्र
हमलों के बाद इजरायल में देशभर में चेतावनी सायरन बजाए गए। Israel Defense Forces ने नागरिकों से सुरक्षित स्थानों के पास रहने की अपील की। इजरायल ने अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और विद्यालयों को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। पूरे देश में आपात स्थिति लागू कर दी गई है। इजरायली हमलों के बाद ईरान ने भी अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है। तेहरान समेत कई इलाकों में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।

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