द फॉलोअप डेस्कः
मध्यप्रदेश के शिवपुरी की छात्रा काव्या धाकड़ के अपहरण के मामले ने हर किसी को हैरान कर दिया। एक के बाद एक अपहरण की कहानी से पर्दा उठ रहा है। इस मामले में यह तो पता चल था कि काव्या का कोई किडनैपिंग नहीं हुआ था। और न ही वह कोटा में रह रही थी, बल्कि वह तो अपने ब्वायफ्रेंड हर्षित के साथ मिलकर अलग ही प्लानिंग कर रही थी। बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर काव्या ने साजिश रचा। इंदौर के भंवरकुआं पुलिस स्टेशन के के पास एक हॉस्टल में कथित रूप से बंधक बनी और तस्वीरें खींची। इसके बाद इन तस्वीरों को 18 मार्च को पिता को वॉट्सऐप पर भेज 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी। इस पूरे मामले ने सभी को हिला कर रख दिया, लेकिन यह तो बेटी काव्या की रची हुई एक साजिश थी।

फर्जी अपहरण की पूरी दास्तां
18 मार्च को रघुवीर धाकड़ के वॉट्सऐप पर काव्या की तस्वीरें भेजकर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और फिरौती न देने पर काव्या को जान से मारने की धमकी भी दी। शिवपुरी पुलिस के पास यह मामला पहुंचा तो कोटा पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस जांच में सामने आया कि जिस नंबर से फिरौती मांगी गई वह नंबर जयपुर से खरीदा गया था। इस सिम को किसी और ने नहीं, बल्कि काव्या ने खुद खरीदा था।

कोटा नहीं इंदौर में रह रही थी काव्या
घर वालों की नजर में तो काव्या कोटा स्थित फीजिक्स वाला कोचिंग क्लासेस से नीट (NEET) की तैयारी कर रही थी, क्योंकि उसकी मां ने तीन अगस्त को कोचिंग सेंटर में दाखिला कराया था, लेकिन कोटा पुलिस की जांच में पता चला कि मां तो उसी दिन वापस घर लौट गई और काव्या महज तीन दिन ही कोटा में रुकी और फिर वहां से इंदौर चली गई। इसके बाद उसने कभी भी कोटा की तरफ मुड कर नहीं देखा।
कोचिंग सेंटर में नहीं थी कोई काव्या
काव्या की किडनैपिंग का मामला दर्ज करने के बाद कोटा पुलिस अपनी तफ्तीश की शुरुआत उसी पीडब्ल्यू कोचिंग सेंटर से करती है। काव्या के मां-बाप भी पुलिस टीम के साथ थे। पुलिस कोचिंग सेंटर के मालिक और मैनेजर से पूछताछ करती है कि उन्होंने आखिरी बार काव्या को कब देखा? पुलिस उन्हें काव्या की तस्वीर भी दिखाई. लेकिन जो जवाब कोचिंग सेंटर से मिलता है, उसे सुन कर पुलिस भी सन्न रह जाती है। पता चला कि काव्या धाकड़ नाम की कोई भी लड़की उस कोचिंग सेंटर में पढ़ती ही नहीं थी.

पिता ने दिखाए मोबाइल में मौजूद मैसेज
कोचिंग सेंटरवालों ने पुलिस को बताया कि काव्या नाम की किसी भी लड़की का तीन अगस्त 2023 को वहां दाखिला ही नहीं हुआ है। स के साथ-साथ अब काव्या के मां-बाप भी हैरान थे. लेकिन तभी वो पुलिस और कोचिंग सेंटर को कुछ मैसेज दिखाते हैं. जो कोचिंग सेंटर वालों ने उन्हें भेजा था. इस मैसेज को देखने के बाद कोचिंग सेंटर के लोग बताते हैं कि उनके यहां से कभी भी किसी स्टूडेंट या उसके पेरेंट्स को किसी पर्सनल नंबर से कोई मैसेज भेजा ही नहीं जाता है। जबकि काव्या के पिता के मोबाइल में ये मैसेज किसी पर्सनल नंबर से भेजे गए थे।
पीजी की तलाशी में नहीं मिली काव्या
19 मार्च को कोटा के विज्ञान नगर की पुलिस जांच पड़ताल के लिए इंदौर पहुंची और अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून) अमितसिंह से मदद मांगी। अपराध शाखा के एडी. डीसीपी राजेश दंडोतिया ने मदद के लिए एक टीम सौंपी। इसके बाद भंवरकुआं के भोलाराम उस्ताद मार्ग पर स्थित सिमरन पीजी की तलाशी ली गई। पुलिस चौथी मंजिल के रुम नंबर 403 का चप्पा-चप्पा छाना, जहां पर काव्या के हाथ पैर बांधे गए थे।

PG में भी कभी नहीं रही काव्या धाकड़ नाम की लड़की
इस बात का यकीन हो जाने के बाद कि काव्या इस कोचिंग सेंटर में कभी आई ही नहीं, अब पुलिस की टीम पीजी का रुख करती है। ये वही पीजी था, जो तीन अगस्त 2023 को अपनी मां को काव्या ने दिखाया था। और इसी पीजी से उसकी मां वापस शिवपुरी लौट गई थी। पीजी पहुंचने के बाद अब पुलिस और काव्या का परिवार दूसरी बार हैरान होता है. पता चलता है कि काव्या धाकड़ नाम की कोई लड़की कभी इस पीजी में रहने के लिए आई ही नहीं. कोचिंग सेंटर और पीजी के मालिकों के जवाब से पुलिस को भी यकीन हो गया कि वो सच बोल रहे हैं।

पुलिस ने शुरू की अलग-अलग एंगल से जांच
पर एक सच ये भी था कि 18 मार्च को उसी काव्या की किडनैपिंग के मैसेज आए और उसी काव्या की एक बंधक के तौर पर तस्वीर भी आई. और दोनों ही सच था. कोटा पुलिस अब हैरान परेशान थी। किडनैपिंग की तस्वीर और मैसेज उसे डरा रही थी। पुलिस अब फौरन कई टीमें बनाती हैं। और अलग-अलग एंगल से जांच करती है। काव्या के मां बाप से पूछताछ के दौरान पता चलता है कि कोटा आने से पहले काव्या कुछ वक्त तक इंदौर में भी रही थी। और वहीं से नीट की तैयारी कर रही थी. एक दो लड़कों की वजह से उसके पिता ने उसे इंदौर से वापस शिवपुरी बुला लिया था और फिर अगस्त में उसे कोटा भेज दिया। इस जानकारी के बाद अब पुलिस ने अपनी एक टीम इंदौर भेजी। इंदौर का काव्या का पुराना पता ठिकाना निकाला।उसके पुराने कॉल डिटेल खंगाले।
20 मार्च को पुलिस ने इस पूरे मामले में काव्या और हर्षित की मदद करने वाले ब्रजेंद्र प्रताप को हिरासत में लिया। सिमरन पीजी में ब्रजेंद्र ने काव्या और हर्षित को भाई-बहन बताकर ठहराया था। 20 मार्च को ही पुलिस को भोलाराम मार्ग के दीक्षा हॉस्टल के नए फुटेज मिले। यह फुटेज 10 मार्च की थी जिसमें काव्या और हर्षित दिखाई दे रहे थे। काव्या की पीठ पर एक बैग टंगा हुआ था। इस दौरान काव्या और हर्षित घबराए हुए नजर आ रहे थे और उनसे एक युवक बात करता हुआ देखा गया। 20 मार्च को पुलिस ने अमन सोलंकी नामक युवक को हिरासत में लिया जिसने हर्षित को सोने की जगह दी। अमन सोलंकी ने बताया कि काव्या और हर्षित के पास पैसे नहीं हैं और काव्या दीक्षा हॉस्टल में रुक गई। 20 मार्च को एक के बाद एक कड़ी जुड़ती गई और पुलिस को हर्षित का फोन मिल गया, लेकिन फिरौती के लिए इस फोन का इस्तेमाल नहीं किया गया था।
इसलिए रची फेक किडनैपिंग की साजिश
पर एक सवाल का जवाब अब भी बाकी था कि काव्या ने ऐसा क्यों किया? तो काव्या के दोनों दोस्तों ने इसकी भी कहानी सुनाई। असल में काव्या अपने दो दोस्तों के साथ डॉक्टरी की पढ़ाई पढ़ने के लिए विदेश जाना चाहती थी। उसे पता था कि उसके पिता इसकी इजाजत नहीं देंगे। लेकिन उसे ये भी मालूम था कि उसके मां बाप उसे बेइंतेहा प्यार करते हैं. अगर वो किसी मुसीबत में होगी, तो वो कहीं से भी उसके लिए पैसों का इंतजाम कर सकते हैं। बस, इसी बाद काव्या ने अपने दोस्तों के साथ मिल कर अपनी ही किडनैपिंग की पूरी कहानी लिख डाली।
पुलिस ने सिमरन पीजी की तलाशी ली तो वहां से काव्या को बंधक बनाने के लिए इस्तेमाल किए गए रस्सी और कपड़े को बरामद किया। यह वही स्थान है जहां पर काव्या के हाथ पैर बांधकर तस्वीरें खींचे गई थीं। पीजी के मैनेजर मनोज ने घटनाक्रम की पुष्टि की। काव्या और हर्षित का आखिरी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस ने बरामद कर लिया। यह फुटेज 19 मार्च का है जिसमें दोनों दिखाई दे रहे हैं। इस फुटेज में काव्या और हर्षित को दीक्षा हॉस्टल से जाते हुए देखा जा सकता है।
अभी भी लापता है काव्या, तलाश जारी
हालांकि इस कहानी का खुलासा हो जाने के बावजूद फिलहाल काव्या का कोई सुराग नहीं मिला है। यानी ना वो पुलिस के हाथ लगी है और ना ही उसने अपने घरवालों से संपर्क किया है। हालांकि कोटा पुलिस ने काव्या और उसके दोस्तों से अपील की है कि वो जहां भी हों, नजदीकी पुलिस स्टेशन में जा कर खुद को पेश कर दें. क्योंकि उसके मां बाप बहुत परेशान हैं. अजब किडनैपिंग की ये गजब कहानी हर तरफ चर्चा का विषय बनी हुई है।