द फॉलोअप डेस्क
उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जनपद के धारचूला विकासखंड स्थित एनएचपीसी की जल विद्युत परियोजना में बड़ा हादसा हो गया है। भारी बारिश के कारण एलागाड़ क्षेत्र में एनएचपीसी पॉवर हाउस के पास भूस्खलन हो गया, जिससे सुरंग (टनल) का मुहाना मलबे और पत्थरों से भर गया। इसके चलते टनल के भीतर कार्यरत 19 कर्मचारी फंस गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। अब तक 8 कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 11 लोग अभी भी सुरंग के भीतर फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के प्रयास तेज़ी से किए जा रहे हैं।
पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी विनोद गोस्वामी ने जानकारी दी कि जिला प्रशासन, बीआरओ, एनएचपीसी, एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और अन्य एजेंसियों के संयुक्त प्रयास से युद्धस्तर पर राहत कार्य चल रहा है। सुरंग के मुहाने से मलबा हटा दिया गया है और इमरजेंसी शाफ्ट एरिया की भी लगातार सफाई की जा रही है।
डीएम ने बताया कि सुरंग में फंसे 11 कर्मचारियों से लगातार संपर्क बना हुआ है और वे सुरक्षित हैं। वहीं उपजिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि धौलीगंगा पावर स्टेशन को लेकर कुछ भ्रामक सूचनाएं प्रसारित की जा रही हैं, जबकि पावर हाउस को कोई गंभीर क्षति नहीं पहुंची है। टनल के मुख्य द्वार पर बार-बार हो रहे मलबा जमा को बीआरओ की मदद से लगातार हटाया जा रहा है। मौके पर एनडीआरएफ, सीआईएसएफ और आवश्यक मशीनरी तैनात है। सुरंग के भीतर पहले से किचन और खाने-पीने की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद है।
