द फॉलोअप डेस्क
बेंगलुरु से वाराणसी आ रहा एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान (फ्लाइट नंबर IX-1086) सोमवार सुबह अचानक सुर्खियों में आ गया। उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद विमान में अफरा-तफरी मच गई, जब दो यात्रियों ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। हैरानी की बात यह रही कि उन्होंने सही पासकोड भी डाला, लेकिन सतर्क पायलट ने किसी भी जोखिम से बचने के लिए दरवाजा नहीं खोला। माना जा रहा है कि ये यात्री विमान को हाइजैक करने की कोशिश में थे।
पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को सूचना दी और पूरी घटना का ब्योरा दिया। एटीसी ने सुरक्षा एजेंसियों को सतर्क कर दिया। इस दौरान विमान में बैठे 163 यात्रियों की धड़कनें तेज हो गईं। कॉकपिट की ओर बढ़े दोनों संदिग्ध यात्रियों को सीसीटीवी कैमरे में देखकर पायलट को अपहरण की आशंका हुई और उन्होंने तुरंत कदम उठाए।

विमान का वाराणसी में निर्धारित समय 10:45 बजे उतरना था, लेकिन स्थिति को देखते हुए 10:22 पर ही इसे बाबतपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। लैंडिंग के बाद सीआरपीएफ और पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए कॉकपिट गेट खोलने की कोशिश करने वाले दोनों यात्रियों समेत कुल 9 लोगों को हिरासत में ले लिया।
वाराणसी पुलिस और खुफिया एजेंसियां फिलहाल इनसे गहन पूछताछ कर रही हैं। शुरुआती जांच में यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यात्रियों की मंशा क्या थी और उन्हें कॉकपिट का पासकोड कैसे मालूम पड़ा। डीसीपी वरुणा जोन आकाश पटेल भी एयरपोर्ट पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारी इसे गंभीर सुरक्षा उल्लंघन मानते हुए हर पहलू की जांच कर रहे हैं। इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। उड़ान के दौरान यात्रियों द्वारा कॉकपिट गेट तक पहुंचना और सही पासकोड डालना एक बड़ी चूक मानी जा रही है।
