रांची/नई दिल्ली
नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में सोमवार को झारखंड के कांग्रेस मंत्रियों, विधायकों और सांसदों की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ एक अहम बैठक हुई। झारखंड सरकार में शामिल सभी कांग्रेस मंत्री और विधायक इस बैठक में मौजूद रहे, जिसमें राज्य के हालात, विभागीय कार्यों और पार्टी-संगठन की स्थिति पर खुलकर चर्चा की गई।
बैठक में राहुल गांधी ने स्पष्ट तौर पर कहा— "आप विधायक से मंत्री बने हैं, इसलिए खुद को स्पेशल न समझें।" उन्होंने सभी से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत महत्व से ऊपर उठकर संगठित रूप में काम करें और जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता दें। उन्होंने यह भी कहा कि झारखंड सरकार में कांग्रेस की भूमिका महत्वपूर्ण है और इसे जनसेवा से साबित किया जाना चाहिए।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने विशेष रूप से स्वास्थ्य और कृषि विभाग का उल्लेख करते हुए कहा कि ये मंत्रालय सीधे लोगों से जुड़े हैं, इसलिए इन क्षेत्रों में काम की पहुँच और प्रभाव को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे सरकार की नीतियों को जमीनी स्तर तक ले जाने में सक्रिय रहें।
बैठक के बाद मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने बताया कि सभी मंत्रियों ने अपने विभागों के कार्यों की जानकारी साझा की और यह बताया कि राज्य सरकार जनता से जुड़े मुद्दों को कैसे प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने इस कार्यशैली की सराहना की और सभी को आगे भी इसी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का संदेश दिया।

इस बीच स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने बैठक के बाद कहा— "आज की बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी की उपस्थिति में हुई। यह बैठक झारखंड की परिस्थितियों और पार्टी की भूमिका को लेकर थी, जिसमें सभी ने अपने विचार साझा किए।" बैठक को संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है, जो आनेवाले समय में झारखंड कांग्रेस की कार्यक्षमता को और धार दे सकती है।
