द फॉलोअप डेस्क
हिमाचल प्रदेश में इस साल मानसून ने भारी तबाही मचाई है। हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के अनुसार, 20 जून से अब तक प्रदेश में मानसून से जुड़ी घटनाओं के कारण कुल 276 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से 143 लोगों की मौत भूस्खलन, अचानक आई बाढ़ और मकान ढहने जैसी वर्षा जनित घटनाओं में हुई है, जबकि 133 लोगों की जान सड़क दुर्घटनाओं में गई है।
भारी बारिश के चलते राज्य में कई महत्वपूर्ण सड़कों और बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। कुल्लू जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-305 और मंडी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-154 भूस्खलन और सड़कों के धंसने के कारण अवरुद्ध रहे। इसके अलावा मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, सिरमौर और चंबा जिलों में दर्जनों प्रमुख संपर्क मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह अनुपयुक्त हो गए हैं।
कुल्लू में सबसे अधिक व्यवधान दर्ज किया गया, जहां 125 सड़कें बंद हो गईं, 281 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTRs) क्षतिग्रस्त हुए और 56 जलापूर्ति योजनाएं प्रभावित हुईं। मंडी जिले में 174 सड़कें अवरुद्ध रहीं, 98 ट्रांसफार्मर बंद हो गए और 60 जलापूर्ति योजनाएं बाधित हुईं।
क्षेत्रीय रिपोर्टों से यह भी पता चला है कि लुग घाटी, मणिकरण, सैंज, जिभी, मंडी-जोगिंदरनगर खंड और किन्नौर के थांगी-चारंग जैसे कई इलाके पूरी तरह से बाहरी संपर्क से कट चुके हैं। राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य जारी हैं, लेकिन लगातार हो रही बारिश और ताजा भूस्खलन इन कार्यों में गंभीर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से आग्रह किया है कि वे संवेदनशील और भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें। मौसम विभाग ने मानसून के सक्रिय रहने के चलते आगामी दिनों में भी और व्यवधान की चेतावनी दी है।
