द फॉलोअप डेस्क
पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भारी बारिश के बाद हुए भूस्खलन ने भयानक तबाही मचाई है। सबसे ज्यादा असर मिरिक और सुखियापोखरी इलाकों में देखा गया है, जहां अब तक 17 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। लगातार हो रही बारिश के कारण पहाड़ियों से मलबा बहकर सड़कों पर आ गया है, जिससे कई मुख्य रास्ते पूरी तरह बंद हो गए हैं। इस कारण दार्जिलिंग और सिक्किम के बीच का संपर्क टूट गया है और इंटरनेट सेवाएं भी बाधित हो गई हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है, लेकिन खराब मौसम राहत कार्यों में बाधा बन रहा है। स्थानीय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि स्थिति अभी और बिगड़ सकती है।

इस आपदा का सबसे बड़ा असर पर्यटकों पर पड़ा है। दुर्गापूजा के बाद बड़ी संख्या में लोग दार्जिलिंग घूमने पहुंचते हैं, लेकिन अब मिरिक जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल सबसे ज्यादा प्रभावित हो गए हैं। गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन ने एहतियातन टाइगर हिल, रॉक गार्डन समेत सभी टूरिस्ट स्पॉट्स को बंद कर दिया है। टॉय ट्रेन सेवाएं भी रोक दी गई हैं। मौसम विभाग ने 7 अक्टूबर तक उत्तर बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश की संभावना जताई है और रेड अलर्ट जारी किया है। सांसद राजू बिष्ट समेत कई जनप्रतिनिधियों ने नुकसान पर चिंता जाहिर की है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम से जुड़ी अपडेट पर नजर रखें।
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