द फॉलोअप डेस्क
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के एक ताजा बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। चिदंबरम ने हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा, “आप (NIA) यह क्यों मान रहे हैं कि आतंकी पाकिस्तान से आए थे? इसका क्या सबूत है? हो सकता है वे देश के ही आतंकी हों।”
यह बयान शनिवार को एक इंटरव्यू में आया, जो संसद में पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर को लेकर प्रस्तावित चर्चा के कुछ घंटे पहले दिया गया था। चिदंबरम ने कहा कि NIA अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि आतंकियों की पहचान क्या है और वे कहां से आए थे।
भाजपा का तीखा पलटवार
भाजपा ने चिदंबरम के बयान को राष्ट्रविरोधी करार देते हुए कड़ा जवाब दिया। भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पाकिस्तान को क्लीन चिट देने की जल्दी में है। उन्होंने कहा, “जब भी हमारी सेना पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से लड़ती है, कांग्रेस के नेता इस्लामाबाद के वकील की तरह व्यवहार करते हैं।”भाजपा ने कांग्रेस को “गद्दार संगठन” करार देते हुए कहा कि पार्टी अब राष्ट्रहित के बजाय सत्ता की लालसा में अंधी हो चुकी है। वहीं, सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि अगर चिदंबरम को सवाल उठाना ही था, तो वे इसे राज्यसभा में चर्चा के दौरान रखते, न कि मीडिया में।
कांग्रेस का पलटवार सरकार क्यों चुप?
चिदंबरम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि वे ऑपरेशन सिंदूर और युद्धविराम पर क्यों चुप हैं। उन्होंने कहा, “लोकतंत्र के मंदिर में चर्चा से सरकार क्यों डर रही है? युद्धविराम की घोषणा भारत सरकार ने नहीं बल्कि अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने की थी – सरकार को इस पर सफाई देनी चाहिए।”
राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी
संसद के मानसून सत्र के बीच इस बयान से विपक्ष और सरकार के बीच टकराव और तेज होने की आशंका है। पहलगाम हमले को लेकर पहले से ही सदन में माहौल गर्म है, और अब चिदंबरम के इस बयान से भाजपा को कांग्रेस पर हमले का नया मुद्दा मिल गया है।
