द फॉलोअप डेस्क
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन माझी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े के बाद उनकी तारीफ़ की। उन्होंने इस फ़ैसले को प्रधान के ऊँचे आदर्शों, सिद्धांतों और जन-सेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। CM माझी ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने कई बड़े शैक्षिक सुधारों को लागू करने में अहम भूमिका निभाई, जिसमें ऐतिहासिक राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी शामिल है। उन्होंने बताया कि प्रधान की कोशिशों से शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आए, जिनका मकसद देश भर के छात्रों का भविष्य बेहतर बनाना था।

सामाजिक कल्याण और नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान, प्रधान ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ-साथ व्यापक सामाजिक कल्याण और नैतिक मूल्यों को भी प्राथमिकता दी। उन्होंने आगे कहा कि इस्तीफ़े का फ़ैसला प्रधान की ज़िम्मेदारी की भावना और मज़बूत नैतिक सिद्धांतों के प्रति उनकी निष्ठा को दिखाता है। उनके भविष्य के कामों के लिए शुभकामना देते हुए माझी ने कहा, "भगवान के आशीर्वाद से, सेवा और समर्पण का उनका सफ़र और भी बड़ी सफलताएँ हासिल करता रहे।"

इस्तीफ़ा PM मोदी को भेजा गया
गौरतलब है कि देश के कई हिस्सों में बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच बढ़ते दबाव के कारण प्रधान ने शनिवार को इस्तीफ़ा दे दिया। सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए ओडिशा के इस नेता ने बताया कि उन्होंने अपना इस्तीफ़ा PM मोदी को भेज दिया है। अपने इस्तीफ़े के पत्र में प्रधान ने लिखा कि हाल की घटनाओं से उन्हें बहुत दुख पहुँचा है। उन्होंने कहा कि देश के युवा ही भारत की असली ताकत हैं और उन्होंने संकल्प लिया कि वे उन्हें गलत जानकारी या साज़िश का शिकार नहीं बनने देंगे।
