द फॉलोअप डेस्क
Odisha News: प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ओडिशा के स्कूल और जन शिक्षा (S&ME) विभाग से राज्य में क्लास 1 से 8 तक के छात्रों के लिए बनी स्कूली पाठ्यपुस्तकों (School Textbooks) में पहले मिली गलतियों (Errors) के बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। PMO ने इस मामले में दखल दिया है और राज्य के S&ME विभाग को पत्र लिखकर पाठ्यपुस्तकों से जुड़ी समस्या के बारे में पूरी जानकारी मांगी है। इस पत्र में विभाग से यह बताने को कहा गया है कि गलतियां क्यों हुईं और वे पाठ्यपुस्तकों में कैसे शामिल हो गईं। गलतियों, खर्च (Expenditure) और शामिल लोगों (Persons Involved) के बारे में जानकारी मांगी गई।
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खर्च का ब्योरा देने का भी निर्देश
S&ME विभाग को पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने और छापने में हुए खर्च का ब्योरा देने का भी निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, PMO ने इस प्रक्रिया में शामिल लोगों और गलतियों के संबंध में उनकी भूमिकाओं के बारे में भी जानकारी मांगी है। इस घटनाक्रम से पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने और छापने की प्रक्रिया पर फिर से ध्यान केंद्रित हुआ है। S&ME विभाग को PMO को मांगी गई जानकारी देनी होगी, जिसमें गलतियों के पीछे की परिस्थितियां, वे प्रक्रियाएं जिनके कारण गलतियां हुईं, हुआ खर्च और मामले से जुड़े लोग शामिल होंगे।

क्या कहा गया है PMO के पत्र में
PMO स्कूली पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों से जुड़ी परिस्थितियों का पता लगाना चाहता है और संबंधित राज्य विभाग से विस्तृत जानकारी प्राप्त करना चाहता है। PMO के पत्र में कहा गया है, "यह कदम वाणिज्य विभाग के एक प्रतिनियुक्त अधिकारी द्वारा स्कूली पाठ्यपुस्तकों की छपाई में भारी वित्तीय अनियमितताओं, हितों के टकराव और कथित तौर पर मामले को छिपाने की कोशिश के संबंध में मिली एक जरूरी शिकायत के जवाब में उठाया गया है।"
