नई दिल्ली
लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान दूसरे दिन भी भारी हंगामा देखने को मिला। सदन में अव्यवस्था और आसन की गरिमा भंग करने के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को पूरे बजट सत्र के लिए निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय की गई, जब कुछ सांसदों द्वारा आसन की ओर कागज फेंकने का आरोप सामने आया।
मंगलवार, 3 फरवरी को नेता विपक्ष राहुल गांधी द्वारा पूर्व थलसेना प्रमुख जनरल नरवणे के संस्मरण का जिक्र किए जाने पर सत्ता पक्ष ने आपत्ति जताई। इसके बाद सदन में नोकझोंक और शोर-शराबा बढ़ गया। हंगामे के दौरान कुछ विपक्षी सांसदों ने आसन की ओर कागज उछाल दिए, जिसे सदन की अवमानना माना गया।

इन सांसदों पर गिरी निलंबन की गाज
निलंबित किए गए सांसदों में मणिक्कम टैगोर, किरण कुमार रेड्डी, प्रशांत पडोले, हिबी ईडन, डीन कुरिया कोस, एस. वेंकटेशन, गुरजीत सिंह औजला और अमरेंद्र सिंह राजा वारिंग शामिल हैं। इन सभी को संसद के मौजूदा बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित किया गया है।
हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही पहले दोपहर तीन बजे तक स्थगित की गई थी। कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में निलंबन से संबंधित प्रस्ताव पेश किया। उन्होंने कहा कि संबंधित सांसदों ने महासचिव और लोकसभा अधिकारियों की मेज के पास जाकर कागज फेंककर आसन की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। यह प्रस्ताव नियम 374 (2) के तहत लाया गया, जिसे सदन ने ध्वनिमत से पारित कर दिया।
इसके बाद पीठासीन सभापति दिलीप सैकिया ने आठों सांसदों के निलंबन की औपचारिक घोषणा की और लोकसभा की कार्यवाही बुधवार तक के लिए स्थगित कर दी।
.jpeg)
राहुल-प्रियंका समेत कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
निलंबन के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के अन्य सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसदों ने आठ सांसदों के निलंबन और भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर नारेबाजी की।
क्यों हुआ पूरा विवाद
दरअसल, विपक्षी सांसद राहुल गांधी को आगे बोलने की अनुमति न मिलने से नाराज थे। राहुल गांधी ने जनरल नरवणे की पुस्तक पर आधारित लेख को सदन के पटल पर रखते हुए चीन के साथ सीमा विवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए थे। उन्होंने इसे राष्ट्रपति के अभिभाषण से जुड़ा अहम विषय बताया, लेकिन आसन से अनुमति न मिलने के बाद विपक्ष ने विरोध तेज कर दिया, जो बाद में हंगामे और निलंबन तक पहुंच गया।
.jpg)