द फॉलोअप डेस्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अपनी मां को याद करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उनकी मां ने बेहद गरीबी में पूरे परिवार का पालन-पोषण किया। वे कभी अपने लिए नई साड़ी तक नहीं खरीदती थीं और परिवार के लिए हर पाई बचाती थीं। मोदी ने कहा कि जैसे उनकी मां ने त्याग किया, वैसे ही देश की करोड़ों माताएं हर दिन तपस्या करती हैं। उन्होंने कहा, "मेरी मां अब इस दुनिया में नहीं हैं। कुछ समय पहले सौ वर्ष की उम्र पूरी कर वे हमें छोड़कर चली गईं। राजनीति से उनका कोई संबंध नहीं था, लेकिन कांग्रेस-आरजेडी के मंच से मेरी मां को भद्दी गालियां दी गईं। यह बेहद दुख और पीड़ा देने वाली बात है। मेरी मां का क्या दोष था?"

मोदी ने कहा कि एक गरीब मां की तपस्या और उसके बेटे की पीड़ा वे लोग नहीं समझ सकते जो शाही खानदानों में पैदा हुए हैं। "ये नामदार लोग सोने-चांदी का चम्मच लेकर पैदा होते हैं और सत्ता को अपनी खानदानी विरासत मानते हैं। लेकिन देश की जनता ने एक गरीब मां के बेटे को आशीर्वाद देकर प्रधानसेवक बनाया। यही बात इन नामदारों को पचती नहीं," उन्होंने कहा।
नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने अपने जीवन का जिक्र करते हुए कहा कि वे पिछले 50-55 वर्षों से समाज और देश की सेवा में लगे हैं। "मैं राजनीति में देर से आया, लेकिन हर दिन, हर क्षण देश के लिए मेहनत से काम किया। इसमें मेरी मां की बड़ी भूमिका रही। उन्होंने मुझे अपने दायित्वों से मुक्त कर केवल मां भारती की सेवा के लिए भेजा। आज इसीलिए मुझे गहरी पीड़ा होती है कि उसी मां को गालियां दी गईं," मोदी ने कहा।
