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पीएम मोदी ने 10 नई वंदे भारत ट्रेनों को दिखाई हरी झंडी, कहा- 5 सालों में रेलवे का होगा कायाकल्प

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द फॉलोअप डेस्कः 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार, 12 मार्च को 10 नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई। अब वंदे भारत की कुल संख्या 50 से अधिक हो गई है और 45 राष्ट्रव्यापी मार्गों को कवर किया गया है। वर्तमान में, भारतीय रेलवे 41 वंदे भारत एक्सप्रेस सेवाएं संचालित करता है, जो राज्यों को ब्रॉड गेज (बीजी) विद्युतीकृत नेटवर्क से जोड़ती है और 24 राज्यों और 256 जिलों तक फैली हुई है। दिल्ली-कटरा, दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-अहमदाबाद, मैसूरु-चेन्नई, कासरगोड-तिरुवनंतपुरम और अब, विशाखापत्तनम-सिकंदराबाद सहित छह मार्गों पर दो वंदे भारत ट्रेनें चलेंगी।


चार ट्रेनों का होगा विस्तार
प्रधानमंत्री चार वंदे भारत ट्रेनों के विस्तार को भी हरी झंडी दिखाई। अहमदाबाद-जामनगर वंदे भारत को द्वारका तक बढ़ाया जा रहा है, वहीं अजमेर- दिल्ली सराय रोहिल्ला वंदे भारत को चंडीगढ़ तक बढ़ाया जा रहा है, गोरखपुर-लखनऊ वंदे भारत को प्रयागराज तक बढ़ाया जा रहा है। तिरुवनंतपुरम- कासरगोड वंदे भारत को मंगलुरु तक बढ़ाया जा रहा है, और आसनसोल और हटिया तथा तिरूपति और कोल्लम स्टेशनों के बीच दो नई यात्री ट्रेनों की शुरूआत की। प्रधानमंत्री विभिन्न स्थानों न्यू खुर्जा जंक्शन, साहनेवाल, न्यू रेवाड़ी, न्यू किशनगढ़, न्यू घोलवड और न्यू मकरपुरा से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर मालगाड़ियों को भी हरी झंडी दिखाई।

कायाकल्प होगा रेलवे का 

पीएम नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, "अगले पांच साल में रेलवे का कायाकल्प हो जाएगा। पहले रेलवे रिजर्वेशन में दलाली होती थी, कमीशनखोरी का खेल होता था, लेकिन अब सब बंद हो गया है। रेलवे का कायाकल्प ही विकसित भारत की गारंटी है"। उन्होंने कहा, 'विकसित भारत के लिए हो रहे नव निर्माण का लगातार विस्तार हो रहा है। देश के कोने-कोने में परियोजनाओं का लोकार्पण हो रहा है, नई योजनाएं शुरू हो रही हैं। अगर मैं साल 2024 की ही बात करूं, तो इन करीब 75 दिन में 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास हो चुका है। अकेले पिछले 10-12 दिन में ही 7 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास हुआ है।'


सबसे अधिक वंदे भारत ट्रेनों वाला शहर बना दिल्ली
नई ट्रेनों के साथ ही अब दिल्ली सबसे अधिक संख्या में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन करने वाला शहर बन गया है। इसमें 10 ट्रेनें राजधानी में समाप्त होंगी। ये ट्रेनें दिल्ली को देहरादून, अंब अंदौरा, भोपाल, अयोध्या, अमृतसर और अब खजुराहो जैसे विभिन्न गंतव्यों से जोड़ती हैं। 


यहां देखें नई वंदे भारत ट्रेनों के रूट

सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम
मैसूर- डॉ. एमजीआर सेंट्रल (चेन्नई)
पटना-लखनऊ
न्यू जलपाईगुड़ी-पटना
पुरी-विशाखापत्तनम
लखनऊ-देहरादून
कालाबुरागी - सर एम विश्वेश्वरैया टर्मिनल बेंगलुरु
रांची-वाराणसी
खजुराहो- दिल्ली (निजामुद्दीन)