द फॉलोअप डेस्क
बिहार दिवस के मौके पर, जब राज्य की राजनीति अपने पूरे रंग में है, उसी बीच दिल्ली से पटना एक बेहद आत्मीय और सकारात्मक संदेश पहुंचा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को एक खास पत्र लिखकर न सिर्फ बिहारवासियों को शुभकामनाएं दीं, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक शक्ति और विकास की रफ़्तार को लेकर अपनी भावनाओं को साझा किया है। इस पत्र में प्रधानमंत्री ने बिहार की ऐतिहासिक पहचान से लेकर आज के तेजी से बदलते इंफ्रास्ट्रक्चर तक का जिक्र किया। उन्होंने बिहार को विकसित भारत की मजबूत नींव बताया और कहा कि यह राज्य हमेशा से देश को दिशा देने वाला रहा है। उन्होंने भगवान बुद्ध और आचार्य चाणक्य जैसी महान हस्तियों का उल्लेख करते हुए बिहार की गौरवशाली परंपरा को याद किया। साथ ही यह भरोसा भी जताया कि विकसित बिहार, विकसित भारत का सपना जल्द ही हकीकत बनेगा।

प्रधानमंत्री ने नीतीश कुमार के नेतृत्व की भी खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से राज्य में स्थिरता और भरोसे का माहौल बना है। पत्र में पटना और पूर्णिया के नए एयरपोर्ट टर्मिनल, औंटा-सिमरिया पुल और मखाना के लिए नेशनल मखाना बोर्ड जैसे बड़े विकास कार्यों का भी जिक्र किया गया। साथ ही पीएम मोदी ने यह भी बताया कि 2004 से 2014 की तुलना में अब बिहार को केंद्र से कहीं ज्यादा आर्थिक सहायता मिल रही है, जिससे विकास की रफ्तार में तेज हुई है। प्रधानमंत्री के इस पत्र पर जवाब देते हुए नीतीश कुमार ने आभार जताया और इसे बिहार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार सामाजिक न्याय, सुशासन और विकास के एजेंडे पर पूरी मजबूती से काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र के सहयोग से बिहार अब और तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के अग्रणी राज्यों में अपनी जगह बनाएगा। बिहार दिवस पर हुआ यह संवाद सिर्फ शुभकामनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आने वाले समय में तेज विकास और बढ़ती राजनीतिक हलचल का संकेत भी दे रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि ये बड़े-बड़े वादे जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं।