द फॉलोअप डेस्क
कल, 2 फरवरी को जारी बीजेपी की लिस्ट में प्रज्ञा, डॉ हर्षवर्धन और मीनाक्षी लेखी सरीखे दिग्गज सांसदों और मंत्रियों के नाम नहीं हैं। इनको इस बार के लोकसभा चुनाव में शुरुआती चरण में ही निराशा हाथ लगी है। इनके साथ बीजेपी की लिस्ट में और भी कई सीटिंग सांसद और मंत्री के नाम काट दिये गये हैं। इस बारे में कयास का दौर शुरू हो गया है कि बेहतर प्रदर्शन के बावजूद इन नेताओं को क्यों दरकिनार कर दिया गया। आइये देखते हैं कौन हैं टिकट से वंचित रहे चर्चित नेता-
प्रज्ञा ठाकुर
प्रज्ञा ठाकुर 2008 में चर्चा में आयी थी जब मालेगांव ब्लास्ट में उनको आरोपी बनाया गया था। इस मामले में 2017 में उनको जमानत मिली थी। तब तक वे मीडिया की सुर्खियों में छा चुकी थीं। माना जाता है कि बीजेपी ने इसी का फायद उठाते हुए भोपाल से उनको 2019 के लोकसभा चुनाव में टिकट दिया था। प्रज्ञा के मुकाबले कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह चुनाव में खड़े थे, लेकिन उनको हार का मुंह देखना पड़ा। फिर भी प्रज्ञा को इस बार बीजेपी ने टिकट नहीं दिया। इसका कारण उनका वो बयान बताया जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गांधी का हत्यारा नाथूराम गोडसे एक देशभक्त था। इससे बीजेपी घिर गयी थी और पीएम मोदी को इसके बाद बयान पडा था।

डॉ हर्षवर्धन
डॉ हर्षवर्धन मोदी कैबिनेट में हेल्थ मिनिस्टर रह चुके हैं। कोरोना काल में उन्होंने बखूबी अपना र ल अदा किया। लेकिन इस बार उनका टिकट काट दिया है। हालांकि पार्टी की उनसे नाराजगी के संकेत 2021 में ही मिल गये थे। जब उनसे मिनिस्ट्री छीन ली गयी। डॉ हर्षवर्धन दिल्ली की चांदनी चौक से सांसद हैं। लेकिन इस बार इनको दरकिनार करते हुए प्रवीण खंडेलवाल को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है।
रमेश बिधूड़ी
रमेश बिधूड़ी का टिकट भी इस बार बीजेपी ने काट दिया है। रमेश उस समय चर्चा में आये थे, जब बसपा के सांसद दानिश अली पर उन्होंने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उनको संसद में आतंकवादी तक कह डाला था। इस समय भी बीजेपी को रमेश की बयानबाजी के कारण सवालों का सामना करना पड़ा था। बता दें कि रमेश बिधूड़ी दक्षिणी दिल्ली से लोकसभा को सांसद हैं।

मीनाक्षी लेखी
मोदी कैबिनेट में मंत्री रह चुकी मीनाक्षी लेखी को इस बार बीजेपी ने टिकट नहीं दिया है। मीनाक्षी नई दिल्ली से सांसद हैं। उनके स्थान पर दिवंगत सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को टिकट दिया गया है। कुछ दिनों पहले तक इस बात की चर्चा थी कि इनको रायबरेली से सोनिया गांधी के मुकाबले चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है। लेकिन अब ये संभावना भी समाप्त हो गयी है। क्योंकि सोनिया ने रायबरेली से चुनाव न लड़ने की घोषणा की है। वे राजस्थान से राज्यसभा सांसद चुनी जा चुकी हैं।
प्रवेश शर्मा
प्रवेश शर्मा बीजेपी के कद्दावर नेता माने जाते हैं। पश्चिमी दिल्ली सीट से उन्होंने दो बार जीत हासिल की है। प्रवेश दिल्ली के पूर्व सीएम साहिब सिंह वर्मा के बेटे हैं। लेकिन साहिब जितनी संयमित बातें करते थे, प्रवेश सिंह उतने ही बड़बोलेपन और विवाद बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। उन्होंने 2022 में एक खास समुदाय के खिलाफ बेहद अपमानजनक टिप्पणी की थी। वे वीएचपी से भी जुड़े रहे हैं। बहरहाल उनकी जगह इस बार प दिल्ली से कमलजीत सहरावत को टिकट दिया गया है।

टिकट नहीं पाने वाले बीजेपी के अन्य कद्दावर नेता
इनके अलावा बीजेपी ने और भी जिन कद्दावर नेताओं के नाम लिस्ट से काटे हैं उनमें, गुना से सांसद रहे केपी यादव का नाम भी शामिल है। केपी यादव के बदले इस बार यहां से ज्योतिरादित्य सिंधिया को टिकट दिया गया है, जो कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए हैं। विदिशा सीट पर मप्र के पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान को बीजेपी ने मैदान में उतारा है। माना जा रहा है कि जीतने पर उनको मोदी कैबिनेट में कोई बड़ा मंत्रालय मिल सकता है।

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