द फॉलोअप डेस्क
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य (Swami Prasad Maurya) ने राम मंदिर (Ram mandir) में हुई प्राण प्रतिष्ठा पर सवाल उठाये हैं। मौर्य ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा कर देने से अगर पत्थर सजीव उठता है, ये अगर सही होता तो मुर्दा में भी प्राण प्रतिष्ठा की जाती और वो चलने लगता। कहा कि प्राण प्रतिष्ठा ढोंग और आडंबर के सिवा कुछ नहीं हैं। जनता को ये बात समझ लेनी चाहिये। स्वामी ने आगे कहा कि वैसे भी जो खुद भगवान है, सर्वशक्तिमान है, सबका कल्याण करने वाला है, तो हमारी क्या हैसियत है कि हम उसके अंदर प्राण प्रतिष्ठा करें। अयोध्या में हुए प्राण प्रतिष्ठा समारोह को उन्होंने बीजेपी और आरएसएस का राजनीतिक कार्यक्रम बताया।

न राष्ट्रपति आयीं न शंकराचार्य शामिल नहीं हुए
स्वामी ने आगे कहा कि राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू को भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह का निमंत्रण भेजा गया था। चारों शंकराचार्य को भी निमंत्रण दिया गया। लेकिन इनमें से किसी ने भी प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत नहीं की। कहा कि इन बातों के क्या मायने निकले हैँ। बता दें कि स्वामी मौर्य गाजीपुर के लंका मैदान में कर्पूरी सेना की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज देश में संवैधानिक संकट है। कहा कि जो लोग केंद्र सरकार के विरोध में हैं, उनको ईडी जैसी जांच एजेंसियों से डराया-धमकाया जा रहा है।
बीजेपी सरकार पूंजीपतियों की सरकार
स्वामी ने आगे कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार पूंजीपतियों की सरकार है। देश में बेरोजगारी पर चर्चा न हो, गरीबी पर चर्चा न हो, इसलिए ये सब ड्रामे किये जा रहे हैं। कहा कि भगवान राम की पूजा तो हजारों साल से हो रही है, अब इनमें प्राण प्रतिष्ठा की क्या जरूरत है। कहा कि अगर सच में अगर ये धार्मिक आयोजन होता, तो इसमें देश के चारों शंकराचार्य भी शामिल होते। लेकिन उन्होंने इसमें आने से इनकार कर दिया और वहीं कारण बताया जो मैं बता रहा हूं।
