द फॉलोअप डेस्कः
भगवान श्रीकृष्ण की जलमग्न द्वारका नगरी को लेकर गुजरात सरकार ने बड़ा फैसला किया है। अब भक्त सागर के नीचे जाकर द्वारका नगरी देख पाएंगे। पनडुब्बी के जरिए द्वारका नगरी के दर्शन कराया जाएगा। पनडुब्बी के जरिए अरब सागर में 300 फीट नीचे लेकर जाया जाएगा और द्वारका नगरी के अवशेषों को दिखाया जाएगा। यह यात्रा करीब दो घंटे का होगा। इसके लिए गुजरात सरकार ने एक कंपनी के साथ करार किया है। उम्मीद है कि इस दिव्य दर्शन से गुजरात के पर्यटन को और अधिक ऊंचाई मिलेगी। अभी द्वारका में जो टूरिस्ट जाते हैं वह जगत मंदिर में द्वारकाधीश के दर्शन और इस मंदिर पर ध्वजारोहण करते हैं।

24 पर्यटक यात्रा पर जा सकेंगे
पर्यटन विभाग के अधिकारियों के कहा है कि जलमग्न द्वारका नगरी अब देखी जा सकेगी। इसे देखने के लिए एक पनडुब्बी परियोजना शुरू की जाएगी। पनडुब्बी से लोग दो घंटे में मौजूदा द्वारका से पुरानी द्वारका तक जाएंगे। पनडुब्बी में 6 क्रू सदस्यों के साथ 24 पर्यटक यात्रा पर जा सकेंगे। पनडुब्बी जब 300 फीट नीचे गहराई में पहुंचेगी तो लोगों को अपनी आंखों से द्वारका देखने को मिलेगा। अधिकारियों के अनुसार पनडुब्बी के संचालन के लिए भारत सरकार की मझगांव डॉक शिपयार्ड कंपनी के बीच समझौता हुआ है। वाइब्रेंट समिट में इसका ऐलान होगा। गांधीनगर के महात्मा मंदिर में 10 से 12 जनवरी के बीच वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट हो रही है। पनडुब्बी प्रोजेक्ट के लिए यह कंपनी करीब 150 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। परियोजना को पीपीपी मॉडल के रूप में लागू किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत घोषणा आगामी वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के दौरान की जाएगी।प्रोजेक्ट शुरू होने में 6 से 7 महीने लग सकते हैं।'

अगले साल तक चालू होने की उम्मीद
यह द्वारका दर्शन अगले साल अगस्त में जन्माष्टमी तक शुरू होने की उम्मीद है। अगर तकनीकी कारणों कोई दिक्कत आई तो दिवाली तक हर हाल में द्वारका के दर्शन की शुरूआत हो जाएगी। पनडुब्बियों के लिए बैट द्वारका के पास एक विशेष घाट का भी निर्माण किया जाएगा। पर्यटन के लिए पनडुब्बियों का उपयोग द्वारका में देश का पहला प्रयोग होगा। पनडुब्बी अधिकतम 300 फीट गहराई तक जाएगी। इतना ही नहीं इसका कुल वजन 35 टन होगा।
