द फॉलोअप डेस्क
लोकसभा की सदस्यता रद्द होने के 11 दिन बाद राहुल फैसले के खिलाफ सूरत की सेशन कोर्ट में याचिका लगाने जा रहे है। सूरत रवाना होने से पहले राहुल गांधी से मिलने उनके सरकारी आवास पर सोनिया गांधी पहुंची। राहुल के साथ प्रियंका गांधी, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के अलावा लीगल टीम भी सूरत जा रही है।

24 मार्च को राहुल की लोकसभा सदस्यता हुई रद्द
बता दें कि सूरत कोर्ट ने 23 मार्च को राहुल गांधी को सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है... इस बयान से जुड़े मानहानि केस में दोषी करार दिया। दो साल जेल की सजा सुनाई। साथ ही 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने राहुल को 30 दिन का समय दिया था जिसमें वो फैसले को चुनौती दे सकते हैं। इसके अगले ही दिन 24 मार्च को राहुल की लोकसभा सदस्यता रद्द कर दी गई। इसके बाद लोकसभा हाउसिंग कमेटी ने राहुल को 22 अप्रैल तक 12 तुगलक रोड का सरकार आवास खाली करने का नोटिस थमा दिया।

क्या है मामला
2019 के लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक के कोलार में एक रैली के दौरान राहुल ने अपने भाषण में कहा था कि चोरों का सरनेम मोदी है। सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों होता है, चाहे वह ललित मोदी हो या नीरव मोदी हो चाहे नरेंद्र मोदी। इस केस की सुनवाई के दौरान राहुल गांधी तीन बार कोर्ट में पेश हुए थे। आखिरी बार अक्टूबर 2021 की पेश के दौरान उन्होंने खुद को निर्दोष बताया था।
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