द फॉलोअप डेस्क:
टीएमसी से निष्कासित पार्टी के प्रवक्ता रिजू दत्ता ने कहा कि शुभेंदू अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के 2 दिन के भीतर 5 हजार तृणमूल कार्यकर्ताओं की जान बचाई. उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण से पहले शुभेंदू अधिकारी की सिनेमा स्टाइल में गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुभेंदू अधिकारी ने अस्पताल के बाहर जमा हजारों भाजपा कार्यकर्ताओं से कह दिया होता कि अब बदला होगा तो उसी रात पूरे प्रदेश में कम से कम 5 हजार तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं की जान चली जाती, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। रिजू दत्ता ने कहा कि शुभेंदू अधिकारी भारी दुख के बीच अस्पताल से बाहर आए और कार्यकर्ताओं को सख्त हिदायत दी कि कोई कानून हाथ में नहीं लेगा। मैं इस मामले को व्यक्तिगत तौर पर देखूंगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शांति बनाए रखने की अपील की थी।
रिजू दत्ता ने कहा कि शुभेंदू अधिकारी ने मुख्यमंत्री बनकर कुछ किया हो या नहीं किया हो, लेकिन उन्होंने 5 हजार तृणमूल कार्यकर्ताओं की जान बचा दी।

रिजू दत्ता को टीएमसी ने निष्कासित किया
गौरतलब है कि रिजू दत्ता को टीएमसी ने निष्कासित कर दिया है। आज एक वीडियो संदेश जारी करके रिजू दत्ता ने यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा से बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि मैंने आईपीएस अधिकारी अजयपाल शर्मा के खिलाफ जो भी टिप्पणियां की थीं, वह टीएमसी पार्टी लाइन के दायरे में पार्टी के हेडक्वार्टर में बैठकर की थी। वह मेरा व्यक्तिगत विचार नहीं था। मुझे यूपी और भाजपा के नेताओं ने समझाया कि आईपीएस अधिकारी के खिलाफ की गई टिप्पणियों का सारा दोष मुझपर मढ़ दिया जायेगा और टीएमसी ने इन बयानों से किनारा कर लिया है।
उन्होंने कहा कि मैं अब किसी राजनीतिक दल का हिस्सा नहीं हूं और सामान्य जिंदगी जीना चाहता हूं। नौकरी करते हुए अपने परिवार के साथ शांतिपूर्वक रहना चाहता हूं।

टीएमसी के शीर्ष नेता हार की जिम्मेदारी लें!
गौरतलब है कि रिजू दत्ता ने यह भी कहा कि टीएमसी के शीर्ष नेताओं को विधानसभा चुनाव में हार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी को इस बात की जिम्मेदारी लेनी ही चाहिए कि आईपैक जैसी संस्था ने टीएमसी पर कब्जा कैसे कर लिया। उन्होंने कहा कि जब आईपैक से जुड़े प्रशांत जैन के घर और दफ्तर पर छापा पड़ा तो ममता बनर्जी पार्टी का डाटा निकालने चली गई। आज सुप्रीम कोर्ट में ममता बनर्जी के नाम पर मुकदमा चल रहा है। यदि थोड़ा भी इधर-उधर हुआ तो ममता बनर्जी जेल जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि मुझे कोई ऐसा उदाहरण बताइए जहां पीएमएलए कोर्ट किसी को जमानत दे और ईडी विरोध भी ना करे। आईपैक के डायरेक्टर को दूसरे चरण की वोटिंग के अगले दिन ही बेल मिल गई थी.