द फॉलोअप डेस्क
नॉर्थ-ईस्ट के साथ आर्थिक और रणनीतिक संबंध मजबूत करने के मकसद से, यूरोपियन यूनियन (EU) का एक हाई-लेवल डेलीगेशन, जिसे 'टीम यूरोप' कहा जाता है, सोमवार को दो दिन के दौरे पर गुवाहाटी पहुंचा। भारत और भूटान में EU के राजदूत हर्वे डेल्फिन की अगुवाई वाले इस डेलीगेशन में EU सदस्य देशों के राजदूत और सीनियर प्रतिनिधि, साथ ही यूरोप के बिजनेस लीडर्स शामिल हैं। यह टीम सुबह लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंची। इसके बाद 22 गाड़ियों का काफिला डेलीगेशन को रैडिसन ब्लू होटल ले गया, जहां वे अपनी यात्रा के दौरान ठहरेंगे।

क्या कहा डेल्फिन ने
डेल्फिन ने इस यात्रा और भारत-यूरोप सहयोग में असम की बढ़ती भूमिका को लेकर उम्मीद जताई। डेल्फिन ने कहा, "यह असम की मेरी तीसरी यात्रा है। जैसा कि स्लोगन कहता है, यह 'अच्छाई का प्रवेश द्वार' (Gateway to Goodness) है। मुझे यह जगह बहुत पसंद है और मैं मुख्यमंत्री से मिलने के लिए उत्सुक हूं।" डेलीगेशन 9 जून तक गुवाहाटी में रहेगा और यूरोप तथा आठ नॉर्थ-ईस्ट राज्यों - अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा - के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के मकसद से कई कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ द्विपक्षीय बैठक
इस यात्रा की एक खास बात मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ द्विपक्षीय बैठक होगी। डेलीगेशन 9 जून को "ब्लू वैलीज: भारत और यूरोप के बीच इकोसिस्टम और वैल्यू चेन बनाना" वर्कशॉप में भी हिस्सा लेगा। यह इंडस्ट्रियल हब खुशबू, फ्लेवर, आयुष (AYUSH) प्रोडक्ट्स और फूड प्रोसेसिंग पर फोकस करेगा, साथ ही पब्लिक-प्राइवेट-पीपल पार्टनरशिप (4P) मॉडल के जरिए इनोवेशन, रिसर्च, सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग और बिजनेस सहयोग को बढ़ावा देगा। इस क्लस्टर को यूरोप, नॉर्थ-ईस्ट इंडिया और भूटान को जोड़ने वाले एक पुल के तौर पर देखा जा रहा है और यह 2026 EU-इंडिया समिट के दौरान शुरू की गई बड़ी 'ब्लू वैलीज' पहल का हिस्सा है।

क्या है यात्रा का मकसद
इस पहल का मकसद EU और भारत के बीच इंडस्ट्रियल क्लस्टर, MSME लिंकेज और सेक्टर-स्पेसिफिक वैल्यू चेन को मजबूत करना है, साथ ही पर्यावरण के लिहाज से सस्टेनेबल आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है। इस पहल के तहत पहचाने गए प्रमुख सेक्टरों में क्लीन एनर्जी, नेचुरल इंग्रीडिएंट्स, बांस-आधारित उद्योग, इको-फ्रेंडली टेक्सटाइल्स, बायोटेक्नोलॉजी, वेलनेस और स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग शामिल हैं। इस इलाके की संभावनाओं पर ज़ोर देते हुए डेल्फिन ने कहा कि पूर्वोत्तर भारत, जिसमें असम मुख्य केंद्र है, के पास भरपूर संसाधन और कुशल वर्कफ़ोर्स है और यहाँ की अर्थव्यवस्था देश की सबसे तेज़ी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।
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